रामबन में आसमानी आपदा ने मचाई तबाही, इस होटल की कहानी सुन रूह कांप जाएगी
Ramban Cloud Burst: रामबन में बादल फटने से एक होटल को भारी नुकसान हुआ. इसकी दो मंजिलें मलबे में दब गईं. होटल के कर्मचारियों ने पहले मेहमानों को निकाला और फिर अपनी जान बचने के लिए भागे.

Ramban Cloud Burst: जम्मू के रामबन में रविवार (20 अप्रैल) तड़के बादल फटने से जो तबाही हुई, उसे याद कर लोग सिहर उठते हैं. इस कुदरती आफत में रामबन के एक होटल की तस्वीर ही बदल गई और लोग शीशे तोड़कर अपनी जान बचाकर भागे.
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बना होटल उस्मान ओवैस रामबन के बड़े होटलों में से एक है. करीब 20 कमरों की कई मंजिलें लिए इस होटल में रेस्टोरेंट, दुकान और पार्किंग की अच्छी सुविधा है. हाईवे पर होने के कारण इस होटल में भीड़ भी काफी रहती है. हालांकि, रविवार सुबह जब आसमानी आफत बरसी तो सबसे ज्यादा नुकसान इसी होटल का हुआ.
पहले मेहमानों को निकाला, फिर खुद भागा स्टाफ
इस होटल की दो मंजिलें तो पूरी तरह से मलबे में दब गईं, जबकि होटल के बाहर खड़े वाहनों का नामोनिशान नहीं है. होटल के मैनेजर मुस्ताक ने बताया कि जैसे ही उन्हें रविवार सुबह खबर मिली कि बादल फटने से मिट्टी, पत्थर और पानी होटल की तरफ आ रहा है तो उन्होंने सबसे पहले वहां रहे सभी मेहमानों को जगाया और फिर उन्हें होटल खाली करने में मदद की.
होटल मैनेजर के मुताबिक, सभी मेहमानों को निकालने के बाद होटल का स्टाफ और मैनेजर खुद जान बचाकर भागे. उनका दावा है कि रविवार सुबह उनका सामना मौत से हुआ और एक पल के लिए उन्हें भी लगा कि शायद अब वह बच ना पाएं.
मैनेजर ने बताया कि होटल के सभी कमरे पूरी तरह से तबाह हो गए हैं और सबसे ज्यादा नुकसान ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर का हुआ है. मुस्ताक बताते हैं कि ग्राउंड फ्लोर पर न केवल होटल का रिसेप्शन है बल्कि कुछ दुकानें और रेस्टोरेंट भी इसी ग्राउंड फ्लोर पर बने हैं. ग्राउंड फ्लोर में दर्जन भर गाड़ियों की पार्किंग भी है.
ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचना नामुमकिन
मु्स्ताक ने बताया, "इस घटना के 24 घंटे बाद भी हम ग्राउंड फ्लोर तक नहीं जा पाए, क्योंकि पूरा फ्लोर मलबे से भरा हुआ है. होटल के बाकी दो फ्लोर पर भी नुकसान है. साफ सफाई का काम चल रहा है, लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचना अभी भी मुमकिन नहीं है"
देर रात घबरा गए सभी टूरिस्ट
वहीं, होटल में ठहरे कुछ मेहमानों का दावा है कि जैसे ही सुबह करीब 3:30 बजे उनके होटल के दरवाजे खटखटाए गए तो वे घबरा गए. बाहर का नजारा और भी डरावना था. होटल में ठहरे मेहमान और होटल का स्टाफ बस इस बात का शुक्र मना रहे हैं कि उनकी जान बची है.
अन्य पर्यटकों को भी हुई बेहद परेशानी
रविवार (20 अप्रैल) सुबह जब रामबन में कुदरती आफत बरसी तो इस इलाके में कई पर्यटक भी रुके हुए थे, जो कश्मीर जा रहे थे. आफत में न केवल इन पर्यटकों की गाड़ियां मलबे की चपेट में आई हैं, बल्कि बड़ी मुश्किल से इन लोगों ने अपनी जान बचाई.
रविवार सुबह 3:30 बजे जब जम्मू के रामबन जिले में कुदरती आफत बरसी तो इलाके के लोगों के साथ-साथ उन पर्यटकों के लिए भी अपनी जान बचाना मुश्किल हो गया जो पर्यटक श्रीनगर की तरफ जा रहे थे. पंजाब के कुछ पर्यटकों ने रात ज्यादा होने के कारण रामबन रुकना ही उचित समझा. उनके इस फैसले ने इन पर्यटकों की जान आफत में डाल दी.
'वह मंजर भूल नहीं सकते'
पंजाब से आए अधिकतर पर्यटक अपने वाहनों को होटल की पार्किंग में पार्क कर, होटल के कमरे में सो रहे थे. रविवार सुबह 3:30 बजे जब भी आप बरसी तो होटल के स्टाफ ने इन पर्यटकों को उठाया और फिर इन्होंने जो देखा वह यह पर्यटक जिंदगी भर नहीं भूल सकते.
पंजाब से श्रीनगर घूमने आए गुरदेव सिंह का कहना है कि हाईवे पर जाम होने के कारण उन्हें रामबन में रुकना पड़ा. हाईवे पर करीब 4:30 घंटे का जाम नहीं लगता तो शायद इस नगर पहुंच जाते. वह अपने परिवार के साथ श्रीनगर घूमने के लिए घर से अपनी गाड़ी में निकले थे.
होटल की खिड़की तोड़ कर बाहर भागे लोग
गुरदेव सिंह ने बताया कि रविवार सुबह करीब 3:00 बजे उन्हें होटल वालों ने जगाया और जानकारी दी कि होटल के आसपास पानी आ रहा है. उसके बाद हमने पूरे परिवार को उठाया. क्योंकि मेरे साथ मेरी छोटी बच्ची थी, इसलिए हमने उसे समय निकालना उचित नहीं समझा. हम कुछ देर होटल में ही रुके, लेकिन उसके बाद जब पानी बढ़ा तो हमने होटल की खिड़की का शीशा तोड़ा और वहां से निकले.
"मैं अपनी गाड़ी लेकर आ रहा था, जो मैंने होटल की पार्किंग में लगाई थी. लेकिन अब वह गाड़ी नहीं दिख रही. रविवार सुबह मेरा मौत से आमना सामना हुआ, 1 मिनट के लिए लगा कि अब नहीं बचूंगा," उन्होंने बताया.
मौत से हुआ सामना
वहीं, पंजाब से ही आए संजीव कुमार का दावा था कि वह और उनके दोस्त दो अलग-अलग कमरों में रुके थे. सुबह-सुबह जब उन्हें खबर मिली तो उन्होंने सबसे पहले अपने दोस्तों को उठाया और फिर कूद कर अपनी जान बचाई. उन्होंने बताया कि यहां से भागने के बाद वह सीधा पुलिस के पास पहुंचे, जिन्होंने उन्हें सुरक्षित एक गुरुद्वारे में पहुंचाया. उन्होंने बताया कि वह अपनी गाड़ी से ही पंजाब से आए थे, लेकिन अब वह गाड़ी कहां है पता नहीं.
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Source: IOCL





















