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Knuckle Cracking: बार-बार चटकाने से कमजोर हो जाती हैं उंगलियों की हड्डियां, कितनी सही है यह बात?

Is Cracking Fingers Bad For Bones: तमाम ऐसे मिथक हैं, जिनको हमारे सामने ऐसे बताया जाता है कि जैसे यह हमारे सेहत के लिए नुकसानदायक है. चलिए आपको बताते हैं कि उंगलियों को चटकाने से क्या होता है.

Scientific Truth Behind Knuckle Cracking: कई लोगों का मानना है कि उंगलियां चटकाने से हाथों की पकड़ कमजोर हो जाती है. लेकिन साइंटफिक रिसर्च इस धारणा का समर्थन नहीं करते. स्टडी में सामने आया है कि इस आदत से न तो ग्रिप स्ट्रेंथ कम होती है और न ही आर्थराइटिस का कोई पुख्ता संबंध पाया गया हैय एक डॉक्टर ने तो 50 साल तक रोज एक हाथ की उंगलियां चटकाईं, फिर भी उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुईय हालांकि, अगर उंगलियां चटकाने के बाद दर्द या सूजन हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. ज्यादातर लोगों के लिए यह आदत सुरक्षित मानी जाती है.

उंगलियां चटकाने में एक अजीब-सी सुकून मिलता है, लेकिन इसके साथ अक्सर यह चेतावनी भी सुनने को मिलती है कि इससे हाथ कमजोर हो सकते हैं. इस आवाज के पीछे अनुमान और वर्षों से चली आ रही धारणाओं का मिक्सअप है, जो लोगों को सोचने पर मजबूर करता है क्या यह मामूली-सी आदत वाकई हाथों को नुकसान पहुंचा सकती है?

उंगलियाँ चटकाने पर आवाज क्यों आती है?

उंगलियां या जोड़ चटकाने पर जो चट-चट या दूसरी तरह की आवाज आती है, वह हड्डियों के टकराने से नहीं होती. एक्सपर्ट के मुताबिक, यह आवाज जोड़ों में मौजूद तरल साइनोवियल फ्लूइड में गैस के बुलबुले बनने और फूटने से आती हैय एक बार आवाज आने के बाद इन गैसों को दोबारा घुलने में समय लगता है, इसलिए तुरंत उसी जोड़ को फिर से चटकाया नहीं जा सकता.

रिसर्च क्या कहती है?

ग्रिप स्ट्रेंथ और कार्टिलेज एक चर्चित स्टडी में नियमित रूप से उंगलियां चटकाने वालों और न चटकाने वालों की पकड़ की ताकत और कार्टिलेज की मोटाई की तुलना की गई. नतीजा यह रहा कि रोज कई बार उंगलियां चटकाने वालों की ग्रिप स्ट्रेंथ दूसरों से कम नहीं थी.

लंबे समय में जोड़ों पर असर

लंबे समय के अध्ययनों में भी यह साबित नहीं हो पाया कि उंगलियां चटकाने से गठिया होता है। शोध बताते हैं कि अगर चटकाने में दर्द नहीं हो रहा, तो इससे लिगामेंट्स या जोड़ों को स्थायी नुकसान नहीं पहुंचता.

कब सावधान होने की जरूरत है?

हालांकि यह आदत आमतौर पर सुरक्षित है, लेकिन अगर उंगलियां चटकाने के बाद दर्द या सूजन हो, जोड़ों में कमजोरी महसूस हो या फिर किसी असामान्य जोड़ में चटकाने पर तकलीफ हो तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. इसी के साथ आपको एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि अब तक के साइंटफिक सबूत यही बताते हैं कि बिना दर्द के नियमित रूप से उंगलियां चटकाने से न तो हाथ कमजोर होते हैं और न ही जोड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचता है.

इसे भी पढ़ें- Oversleeping Side Effects: कहीं जरूरत से ज्यादा तो नहीं सो रहे आप? हो सकती है यह गंभीर समस्या, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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