एक्सप्लोरर

जम्मू-कश्मीर: NC करेगा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, फारूक अब्दुल्ला ने देश के 52 नेताओं को भेजा न्योता

Jammu Kashmir News In Hindi: जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाला है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • यह देरी लोकतांत्रिक इच्छा का अपमान, संघवाद पर प्रश्न.

जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाला है. जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने देश के 52 प्रमुख राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय नेताओं को पत्र लिखकर इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है.

यह विरोध प्रदर्शन 20 जुलाई, 2026 को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया जाएगा. इस मांग के समर्थन में एकजुटता दिखाने के लिए फारूक अब्दुल्ला ने देश भर के प्रमुख राष्ट्रीय गठबंधन प्रमुखों और राष्ट्रीय व क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष को भी निमंत्रण भेजा है.

Jammu Kashmir: विवादित किताबों पर बड़ा एक्शन, स्कूलों की हर लाइब्रेरी का 7 दिन में ऑडिट का आदेश

पत्र में क्या है?

देशभर के राजनीतिक नेताओं को लिखे पत्र में फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी खिलाफ है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े. अब्दुल्ला ने नेताओं से अपील की कि वो राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग में जम्मू-कश्मीर के लोगों का साथ दें. उन्होंने कहा, "मैं आज आपको न केवल जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष के तौर पर लिख रहा हूं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की सम्मानित विधानसभा के पूर्व सदस्य के तौर पर भी लिख रहा हूं."

केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को हटाने और पुराने राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र-शासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने के फैसले का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि इस कदम के साथ संसद में बार-बार यह भरोसा दिलाया गया था कि सही समय पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा. फारूक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने के बजाय 2024 के विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में संयम और भरोसा दिखाया है.

राज्य का दर्जा मिलने में देरी पर उठाए सवाल

पत्र में कहा गया, "2024 में चुनाव शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से हुए. लोगों ने भरोसे और उम्मीद के साथ अपना जनादेश दिया. अब जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में एक चुनी हुई सरकार काम कर रही है. फिर भी, राज्य का दर्जा हमें नहीं मिला है और यह अभी भी दूर की कौड़ी बना हुआ है. इसके लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है. कोई समय-सीमा नहीं बताई गई है. बस खामोशी है. यह केवल देरी नहीं है. यह पूरी जनता की लोकतांत्रिक इच्छा का अपमान है."

उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा न मिलना केवल जम्मू-कश्मीर की भावनाओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह भारत के संघीय ढांचे की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है. उन्होंने लिखा, "भारत का संविधान एक संघीय दस्तावेज है. इसमें जिस ढांचे की कल्पना की गई है, उसमें राज्य केवल केंद्र की प्रशासनिक सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा की जीवंत अभिव्यक्ति हैं." अब्दुल्ला ने आगे कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने जैसा है और उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वो विचारधारा के मतभेदों को दरकिनार कर इस अभियान का समर्थन करें.

विरोध शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक होगा

उन्होंने कहा, "हमारा विरोध शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक होगा. जो वादा संसद में किया गया था, केवल हम उसी को पूरा करने मांग कर रहे हैं. हमारी मांगें उन वादों से आगे नहीं बढ़ेंगी जो हमसे पहले ही किए जा चुके हैं." राज्य का दर्जा बहाल करने को लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मर्यादा का मामला बताते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ खड़े होना असल में संघवाद के पक्ष में खड़ा होना है.

उन्होंने कहा, "संघवाद का मुद्दा किसी एक पार्टी, किसी एक समुदाय या किसी एक क्षेत्र का मुद्दा नहीं है. यह भारत के हर उस नागरिक का मुद्दा है, जो मानता है कि हमारी संवैधानिक व्यवस्था की खूबी एकता और विविधता के बीच बनाए गए संतुलन में है." NC चीफ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने "बैलेट, संविधान और डेमोक्रेटिक प्रोसेस" को चुना है और वो इज्जत और सम्मान के हकदार हैं. उन्होंने कहा, "मुझे आपकी एकजुटता पर भरोसा है. आइए, हम सब मिलकर यह साफ संदेश दें कि जम्मू-कश्मीर के लोग उन लोगों की आवाज के रखवाले बने हुए हैं, जिन्हें बहुत लंबा इंतजार कराया गया है."

किन नेताओं को किया आमंत्रित?

पत्र के जरिए आमंत्रित किए गए राजनीतिक नेताओं में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, NCP(SP) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे, AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल, CPI(M) महासचिव एम.ए. बेबी, CPI महासचिव डी. राजा, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, BSP प्रमुख मायावती, BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक और कई अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय नेता शामिल हैं.

आमंत्रित लोगों की सूची में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न दलों के नेता भी शामिल हैं, जिनमें पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, बीजेपी जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष सत पॉल शर्मा, अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा, CPI(M) नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, अवामी इत्तेहाद पार्टी के संस्थापक अब्दुल रशीद शेख, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के चेयरमैन हकीम यासीन और पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह शामिल हैं. धार्मिक नेताओं में पूर्व हुर्रियत चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक और ग्रैंड मुफ्ती मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम सहित कई विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है.

मटन डीलरों को राहत दिलाने के लिए जम्मू कश्मीर और पंजाब सरकार में बनी सहमति, एंटी-ड्रग मॉडल पर भी मंथन

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

जम्मू-कश्मीर: LG मनोज सिन्हा बोले- 'कश्मीरी पंडितों ने हमेशा से ही...'
जम्मू-कश्मीर: LG मनोज सिन्हा बोले- 'कश्मीरी पंडितों ने हमेशा से ही...'
उमर अब्दुल्ला के भाषण पर सुनील शर्मा का निशाना, बताया 'भ्रमित' करने वाला
उमर अब्दुल्ला के भाषण पर सुनील शर्मा का निशाना, बताया 'भ्रमित' करने वाला
स्वतंत्रता दिवस उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा, 'PoK के लोग जम्मू कश्मीर से...'
स्वतंत्रता दिवस उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा, 'PoK के लोग जम्मू कश्मीर से...'
किश्तवाड़: चिनाब में गिरी बोलेरो, 5 लोगों की दर्दनाक मौत
किश्तवाड़: चिनाब में गिरी बोलेरो, 5 लोगों की दर्दनाक मौत
Advertisement

वीडियोज

Sansani: कैमरे में कैद मर्डर की LIVE पिक्चर
Bollywood News: इलायची ऐड पर घिरे SRK, अजय और टाइगर, FDA ने भेजा नोटिस (16.08.26)
Udne ki Asha: Sachin-Sailee के जाने पर रोया Laksh, Roshini को लगी मिर्ची!
Amit Shah On Vande Matarm: वंदे मातरम् पर Amit Shah का कांग्रेस पर हमला, कहा - 'जनता से मांगे माफी'
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् पर कांग्रेस को बीजेपी ने घेरा, कहा- 'संविधान का अपमान किया'
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सांसद अफजाल अंसारी को बड़ी राहत, वापस मिली 12 करोड़ की कुर्क संपत्ति
सांसद अफजाल अंसारी को बड़ी राहत, वापस मिली 12 करोड़ की कुर्क संपत्ति
'जिंदा या मुर्दा लाओ इनाम पाओ', ईरान की स्कीम सुनकर बौखला उठेंगे ट्रंप
'जिंदा या मुर्दा लाओ इनाम पाओ', ईरान की स्कीम सुनकर बौखला उठेंगे ट्रंप
देवदत्त पडिक्कल ने खोला 'ऐतिहासिक पारी' का राज, जानें क्या कहा
देवदत्त पडिक्कल ने खोला 'ऐतिहासिक पारी' का राज, जानें क्या कहा
Batwara 1947 बनी सनी देओल-प्रीति जिंटा की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म, 4 मूवीज का तोड़ा रिकॉर्ड
'बंटवारा 1947' बनी सनी देओल-प्रीति जिंटा की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म, 4 मूवीज का तोड़ा रिकॉर्ड
करीबी नेता की 'आत्महत्या' पर ममता बोलीं, 'दर्दनाक बात है कि...'
करीबी नेता की 'आत्महत्या' पर ममता बोलीं, 'मानसिक तनाव झेलना पड़ा'
जावेद अख्तर ने PAK राष्ट्रपति की उधेड़ी बखिया, कहा - 'हिंदुओं की...'
जावेद अख्तर ने PAK राष्ट्रपति की उधेड़ी बखिया, कहा - 'हिंदुओं की...'
Video: पहली तीज पर पत्नी का डांस वायरल, लोगों ने लुटाया प्यार
पहली तीज पर पत्नी का डांस वायरल, लोगों ने लुटाया प्यार
NIOT Recruitment 2026 : 10वीं पास और ITI वालों को मिल रही नौकरी, NIOT में निकली ग्रेड-ए की भर्ती
10वीं पास और ITI वालों को मिल रही नौकरी, NIOT में निकली ग्रेड-ए की भर्ती
Embed widget