मटन डीलरों को राहत दिलाने के लिए जम्मू कश्मीर और पंजाब सरकार में बनी सहमति, एंटी-ड्रग मॉडल पर भी मंथन
Jammu-Kashmir News In Hindi: जम्मू कश्मीर सरकार प्रदेश के मटन डीलरों की समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. इसको लेकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब सरकार के बीच व्यापक स्तर पर चर्चा हुई.

- जम्मू-कश्मीर के मंत्री ने मटन डीलरों की समस्या पंजाब सरकार से उठाई.
- पंजाब ने पशुओं की आवाजाही समस्या समाधान हेतु तत्काल निर्देश दिए.
- पशुपालन, विज्ञान-प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी राज्यों में सहमति बनी.
- जम्मू-कश्मीर पंजाब के एंटी-ड्रग मॉडल अपनाने पर विचार कर रहा.
जम्मू कश्मीर सरकार प्रदेश के मटन डीलरों की समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. इसके साथ ही सरकार ने नशीली दवाओं की समस्या के खिलाफ पंजाब के 24x7 मॉनिटरिंग और विलेज डिफेंस कमेटी मॉडल को अपनाने का संकेत दिया है.
जम्मू कश्मीर के मटन डीलरों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को सुलझाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा सेवा और खेल, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा ने पंजाब सरकार के साथ कई बैठकें कीं. इन बैठकों के बाद पंजाब सरकार ने व्यापारी समुदाय की परेशानियों को दूर करने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए.
मटन डीलरों की समस्याओं के समाधान को लेकर हुई चर्चा
जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने पंजाब के पशुपालन एवम भेड़ पालन मंत्री, पंजाब के मुख्य सचिव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग सचिव के साथ विस्तृत चर्चा की. इस बैठक का उद्देश्य मटन डीलरों को प्रभावित करने वाली समस्याओं का तत्काल और व्यावहारिक समाधान खोजना था. इस दौरान उन्होंने मटन डीलरों की समस्याओं को विस्तार से सामने रखा और कहा कि पशुओं के आवागमन में हो रही परेशानी को जल्द दूर किया जाना चाहिए.
उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पंजाब सरकारों के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे मटन डीलरों को व्यापार में आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान हो सकेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान आवश्यक नियमों का ध्यान रखा जायेगा.
इसके बाद पंजाब सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित विभागों को समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश जारी किए. बैठकों में लिए गए फैसलों से मटन डीलरों को हो रही कठिनाइयों में काफी कमी आने और पंजाब तथा जम्मू-कश्मीर के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होने की उम्मीद है.
पशुपालन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
बैठकों के नतीजों पर संतोष व्यक्त करते हुए सतीश शर्मा ने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करना और जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया हजारों लोगों की आजीविका को प्रभावित करने वाले मुद्दों को सुलझाने में सहकारी संघवाद और अंतर-राज्यीय समन्वय की भावना को दर्शाती है.
इन बैठकों में पशुपालन क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर भी व्यापक चर्चा हुई. दोनों राज्यों ने पशुओं में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, बेहतर नस्ल विकसित करने और पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को लेकर सहमति जताई है.
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डिजिटल गवर्नेंस पर चर्चा
इसके अलावा दोनों राज्यों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, डिजिटल गवर्नेंस और अनुसंधान के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. सतीश शर्मा ने पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर जोर दिया.
पंजाब के एंटी-ड्रग मॉडल पर भी मंथन
बातचीत के दौरान ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर भी खास तौर पर चर्चा हुई. सतीश शर्मा ने पंजाब के सीनियर अधिकारियों के साथ राज्य की व्यापक एंटी-ड्रग मॉडल पर विस्तार से चर्चा की. खासतौर पर कम्युनिटी-बेस्ड मॉडल पर चर्चा हुई, जिसमें 24 घंटे निगरानी व्यवस्था और विलेज डिफेंस कमेटी मॉडल शामिल है.
उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के नतीजे अच्छे रहे हैं और जम्मू-कश्मीर में भी से अपनाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है ताकि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जा सके. इससे युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।
जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने पंजाब सरकार की तेजी से की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार जताया. इसके साथ मटन डीलरों को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करती रहेगी, ताकि उनकी जायज चिंताओं का तय समय में समाधान हो सके.






















