जम्मू कश्मीर में खुलेगा 'उपराज्यपाल सैनिक सहायता केंद्र', जवानों को ऐसे होगा फायदा
Jammu Kashmir News: केंद्र सेवारत सैनिकों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की शिकायतों को प्राप्त करने, उनका आकलन करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा.

जम्मू कश्मीर में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तहत, उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 'उपराज्यपाल सैनिक सहायता केंद्र' की स्थापना को मंजूरी दे दी है. यह केंद्र सैनिकों की सहायता और संपर्क के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ है ताकि देश भर में सेवारत जम्मू-कश्मीर के सैनिकों की शिकायतों का समय पर निवारण किया जा सके.
सरकारी आदेश के अनुसार, यह केंद्र सेवारत सैनिकों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों को प्राप्त करने, उनका आकलन करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा.
ऐसे होगा फायदा
यह केंद्र सैनिकों और उनके गृह जिलों में संबंधित सिविल या पुलिस अधिकारियों के बीच सीधी नियुक्तियों की सुविधा भी प्रदान करेगा, अनसुलझे मामलों पर अनुवर्ती कार्रवाई करेगा और त्वरित निवारण सुनिश्चित करेगा. रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक प्रदर्शन डैशबोर्ड बनाया जाएगा और एलजी ऑफिस को हर तीन महीने में रिपोर्ट पेश की जाएगी.
तुरंत शुरू होगा काम
यह केंद्र जम्मू और श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय स्थित कार्यालयों से तुरंत काम करना शुरू कर देगा. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को आवश्यक कंप्यूटर सिस्टम और हार्डवेयर के साथ-साथ डेटा मैनेजमेंट और केस मॉनिटरिंग में कुशल दो अधिकारियों को तैनात करने का काम सौंपा गया है.
संपदा विभाग को जम्मू और श्रीनगर दोनों स्थानों पर केंद्रों के संचालन के लिए उपयुक्त आवास और सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. सरकारी आदेश के साथ एक विस्तृत संचालन रूपरेखा भी संलग्न की गई है.
ये अधिकारी नामित
एक अलग सरकारी आदेश में, सरकार ने केंद्र के संचालन के लिए तीन अधिकारियों को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के अलावा नामित किया है: प्रसन्ना रामास्वामी, आईएएस, सरकार के सचिव, जनजातीय कार्य विभाग, अफलाक अहमद, जेकेएएस, सरकार के अवर सचिव, राजस्व विभाग और अभिमन्यु सिंह, जेकेएएस, प्रबंधक-सह-प्रोटोकॉल अधिकारी, रेजिडेंट कमीशन, नई दिल्ली. सभी संबंधित विभागों और हितधारकों को तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने का निर्देश दिया गया है.
Source: IOCL






















