जम्मू-कश्मीर में अफीम के खेतों पर छापेमारी, कई जिलों में अवैध फसलें की गईं नष्ट, 24 घंटे का अल्टीमेटम
Jammu Kashmir News In Hindi: जम्मू और कश्मीर पुलिस ने 'नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर' 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत पूरे कश्मीर घाटी में नशा बेचने वालों और तस्करों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

जम्मू शहर में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया. शहर के बीचो-बीच राजीव नगर इलाके में पुलिस ने तीन नशा तस्करों के घरों को गिरा दिया है. कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कड़े निर्देश दिए थे कि प्रदेश में नारको टेररिज्म का पूरा इकोसिस्टम ध्वस्त किया जाएगा.
एक पूरी रणनीति के तहत न केवल जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन मिलकर प्रदेश भर में नशा तस्करों की कुंडली बना रहा है, बल्कि उसके साथ ही नशे को बेचकर इन नशा तस्करों ने जो संपत्तियां बनाई है, उन्हें भी जमींदोज किया जा रहा है. गुरुवार (23 अप्रैल) को की गई एक बड़ी कार्यवाही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू शहर के बीचो-बीच बसे राजीव नगर में दबिश दी और बुलडोजर और ड्रिलिंग मशीनों के साथ यहां बने तीन घरों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई.
बुलडोजर के सहारे तोड़े जा रहे ड्रग तस्करों के घर
राजीव नगर इलाका एक तंग बस्ती वाला इलाका है और यहां पर घर काफी संकरी गलियों में बसे हुए हैं. पुलिस ने पहले तो यह कार्रवाई बुलडोजर के जरिए की लेकिन जिन घरों तक पहुंचाने के लिए रास्ता नहीं था या गालियां तंग थी वहां पर ड्रिलिंग मशीन के सहारे घरों को तोड़ा गया.
जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन ने यह मुहिम कुछ समय पहले से शुरू की है, जहां पर ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. ना केवल इन ड्रग तस्करों के घरों या संपत्तियों को तोड़ा जा रहा है बल्कि साथ ही अगर किसी ड्रग तस्कर को कोई सरकारी सुविधा मिली है तो उसे भी वापस लिया जा रहा है. इन रक्त तस्करों के पासपोर्ट भी रद्द किए जा रहे हैं.
दम तोड़ते आतंकवाद को पाकिस्तान सीमा पार से दे रहा हवा
जम्मू-कश्मीर प्रशासन का दावा है कि प्रदेश में दम तोड़ते आतंकवाद को हवा देने के लिए पाकिस्तान लगातार सीमा पार से ड्रग्स की तस्करी करता है और यह तस्कर ड्रग्स बचकर न केवल प्रदेश में आतंक को हवा दे रहे हैं, बल्कि उसके साथ ही युवाओं को भी नशे की लत लगाकर पैसा कमा रहे हैं.
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने 'नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर' 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत पूरे कश्मीर घाटी में भी नशे की समस्या के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है. नशा बेचने वालों और तस्करों को निशाना बनाने के बाद, पुलिस ने अब पूरे कश्मीर घाटी में अफीम की खेती को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.
J&K पुलिस ने बड़े पैमाने पर नष्ट कर रहे अफीम की फसल
अफीम की खेती मुख्य रूप से पुलवामा, अनंतनाग, बडगाम, कुपवाड़ा, गांदरबल और बारामूला जिलों में आम है और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत अफीम की खेती करना या उसे अपने पास रखना एक दंडनीय अपराध है. स्थानीय प्रशासन और J&K पुलिस द्वारा पुलवामा (पायर गांव), गांदरबल (थुने गांव) और बडगाम जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर फसल नष्ट करने के अभियान चलाए गए हैं, जहां जमीन मालिकों को फसल नष्ट करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था.
कुलगाम जिले में, अवैध अफीम की खेती के बारे में मिली एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर, पुलिस ने कुलगाम जिले के मुनाद इलाके में तेज़ी से कार्रवाई की और मुनाद के रहने वाले अब्दुल हमीद मीर नाम के एक व्यक्ति की जमीन पर अफीम की खेती पाई. कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मौके पर ही इस अवैध फसल को नष्ट कर दिया गया.
इसके बाद, पुलिस स्टेशन बेहिबाग में कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 21/2026 दर्ज की गई है. इसी तरह, गांदरबल जिले में J&K पुलिस ने पुलिस स्टेशन कंगन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले थुने गांव में नियमित गश्त के दौरान अफीम की एक अवैध खेती का पता लगाया और उसे नष्ट भी कर दिया है.
कब्जे वाली जमीन पर उगाई गई प्रतिबंधित फसले
इस अभियान के दौरान, थुने के रहने वाले गुलाम मोहम्मद नजार के कब्जे वाली जमीन का एक टुकड़ा मिला, जिस पर कथित तौर पर यह प्रतिबंधित फसल उगाई गई थी. तदनुसार, पुलिस स्टेशन कंगन में NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 32/2026 दर्ज की गई है, और आगे की जांच जारी है.
इसी तरह, चल रहे 'नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान' के तहत, अवंतीपोरा में पुलिस ने पूरे पुलिस जिले में कानून लागू करने की गतिविधियों को तेज कर दिया है. पुलिस स्टेशन ख्रेव ने अपने अधिकार क्षेत्र में दवा और तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने वाले नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए केमिस्ट की दुकानों की जांच का अभियान चलाया.
इस अभियान के दौरान, तंबाकू नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई. सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों के तहत, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान जैसे अपराधों के लिए कई लोगों पर जुर्माना लगाया गया. ये कदम पुलिस के उन लगातार प्रयासों का हिस्सा हैं जिनका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों को लागू करना है.
24 घंटे के भीतर अफीम के पौधों को नष्ट करने का आदेश
इस बीच, बडगाम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), हरिप्रसाद के.के. (IPS) ने एक सार्वजनिक परामर्श जारी किया, जिसमें सभी निवासियों से आग्रह किया गया कि वे अपने निजी खेतों, बागों या आस-पास के क्षेत्रों में उगने वाले अफीम के पौधों को, यदि कोई हों, तो 24 घंटे के भीतर स्वेच्छा से नष्ट कर दें. पुलिस द्वारा जारी पोस्टर में SSP ने दोहराया, 'निर्धारित समय सीमा के बाद भी यदि कोई व्यक्ति ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.'
J&K पुलिस ने धार्मिक नेताओं, जिनमें मस्जिदों के इमाम भी शामिल हैं, से मदद मांगी है ताकि वे इस संदेश को जनता के बीच सक्रिय रूप से फैलाएं और लोगों को इसका पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें; इस प्रकार, वे 'नशामुक्त समाज' के सामूहिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना योगदान दे सकें. J&K में अफीम की खेती एक बड़ी समस्या है, क्योंकि जमीन का एक बहुत बड़ा हिस्सा—जो ज़्यादातर दूरदराज और दुर्गम इलाकों में स्थित है—इस अवैध नशीली फसल की खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
1,642 एकड़ जमीन पर उगे गांजे को भी किया गया नष्ट
साल 2023-2024 में, अधिकारियों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में 273 एकड़ जमीन पर उगी अफीम की फसल और 1,642 एकड़ जमीन पर उगे गांजे को नष्ट कर दिया. साल 2022 में, विशेष अभियानों के दौरान अकेले कश्मीर घाटी में लगभग 391 कनाल (लगभग 49 एकड़) जमीन पर उगी फसल को नष्ट किया गया था. जबकि साल 2016 में, आबकारी विभाग ने घाटी में 2,733 कनाल (लगभग 341 एकड़) जमीन पर हो रही अफीम की खेती को नष्ट किया था.
J&K पुलिस ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध नशीली फसलों की खेती जैसी बुराइयों पर रोक लगाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है. चूंकि इस तरह की खेती ज़्यादातर ऐसे इलाकों में की जाती है जहाँ पहुँचना और देखना मुश्किल होता है, इसलिए J&K पुलिस ने आम जनता से जोरदार अपील की है कि वे अवैध खेती के किसी भी मामले की जानकारी तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या चौकी को देकर अपना पूरा सहयोग प्रदान करें.
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Source: IOCL























