जम्मू कश्मीर: पहलगाम हमले की बरसी, आतंकवाद के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
Pahalgam Terror Attack Anniversar: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर कश्मीर में छात्रों व स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि मार्च निकाला. आतंकवाद का कड़ा विरोध करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की पहली बरसी पर आज पूरी कश्मीर घाटी में पर्यटन स्थलों से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि मार्च निकाले गए. आतंकवाद के खिलाफ स्थानीय लोग भारी संख्या में सड़कों पर उतरे और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व एकजुटता व्यक्त की.
सीमावर्ती जिले कुपवाड़ा के करनाह सब-डिवीजन में 2,000 से अधिक छात्रों ने एकजुटता मार्च निकाला. आर्मी गुडविल स्कूल (हाजीनार व टीथवाल) और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (कंडी) के इन छात्रों ने नियंत्रण रेखा (LoC) के बिल्कुल करीब—पाकिस्तानी सेना की बंदूकों की सीधी जद में होने के बावजूद—आतंकवाद का कड़ा विरोध किया.
आयोजकों ने इसे युवा पीढ़ी की वह आवाज़ बताया जो हिंसा को पूरी तरह नकारती है और एक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक व प्रगतिशील जम्मू-कश्मीर में विश्वास रखती है. यह मार्च 'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी और पहलगाम हमले के पीड़ितों की याद में निकाला गया था.
गुरेज़ और बारामूला में नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
बांदीपोरा की गुरेज़ घाटी और बारामूला में भी स्थानीय निवासियों और छात्रों ने शांतिपूर्ण रैलियां आयोजित कीं. हाथों में तख्तियां और झंडे लिए लोगों ने मार्च किया और पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले 26 पर्यटकों (जिनमें एक स्थानीय नागरिक भी शामिल था) की याद में मौन रखा. प्रतिभागियों ने दुख की इस घड़ी में एकजुट होकर पूरे क्षेत्र में शांति और धैर्य बनाए रखने का कड़ा संदेश दिया.
साजिशकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग
हमले की पहली बरसी पर राजनीतिक दलों ने भी अपना रोष और समर्थन जाहिर किया. श्रीनगर के जवाहर नगर इलाके में स्थित भाजपा कार्यालय से बैसरन (पहलगाम) हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक बड़ा विरोध मार्च निकाला गया.
वहीं, अनंतनाग जिले में भी बीजेपी द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ नेता और पूर्व MLC सोफी यूसुफ ने कई पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हिस्सा लिया. पार्टी नेताओं ने पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिलाया और इस घातक हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की.























