'दुनिया के लिए प्रलय का दिन होगा, प्रार्थना करता हूं कि...', ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बोले जम्मू के पूर्व DGP
USA-Iran Tension: जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी हमले से तनाव बढ़ गया है. अगर ईरान जवाब देता है तो अमेरिका बड़े पैमाने पर जवाब देगा, जिससे WW-III की स्थिति बन सकती है.

Iran Israel War: ईरान पर अमेरिका के हमले से तनाव बढ़ गया है. जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद का दावा है कि अगर अब ईरान जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करता है तो विश्व युद्ध-3 की स्थिति बन सकती हैं, क्योंकि अमेरिका चप नहीं बैठेगा, वह बड़े पैमाने पर जवाब देगा.
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एसपी वैद ने कहा, "ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर्स से अटैक किया है. उन्होंने बंकर-बस्टर बम गिराए हैं, जो केवल अमेरिका के पास ही उपलब्ध हैं. अगर ईरान मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करता है, तो अमेरिका बड़े पैमाने पर जवाब देगा. यह तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकता है."
#WATCH | Jammu: On US strikes on the three Iranian nuclear facilities, Former J&K DGP SP Vaid says, "B-2 bombers have been used. They have dropped bunker-buster bombs, which are available only with the USA... If Iran attacks US facilities or US bases in the Middle East, then the… pic.twitter.com/nt1WhtF1Iz
— ANI (@ANI) June 22, 2025
'अब सब ईरान पर निर्भर करता है'
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने चिंता जताते हुए कहा, "मैं केवल भगवान से प्रार्थना करता हूं कि ऐसा न हो; वरना यह दुनिया के लिए प्रलय का दिन यानी कि आखिरी दिन होगा. अब सब इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान की प्रतिक्रिया क्या होगी."
इसी बीच ईरान सुप्रीम लीडर ने यह कह दिया है कि वह अमेरिका के हमले का जवाब देंगे और मिडल ईस्ट में यूएसए के ठिकानों पर हमला करेंगे. अगर ऐसा होता है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा. इस लड़ाई में रूस और चीन जैसे देश भी शामिल हो सकते हैं और विश्व युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं. फिलहाल, दुनिया को इसे टालना होगा.
'नेतन्याहू लगातार ट्रंप से कर रहे थे सिफारिश'
एसपी वैद का कहना है, "इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू काफी समय से अमेरिका से सिफारिश कर रहे थे कि इन बॉम्बर्स का इस्तेमाल करें और ईरान के ठिकानों को नष्ट कर दें. हालांकि, दो दिन पहले यूएसए ने ईरान को दो हफ्ते का अल्टीमेटम दिया था और बातचीत
चल रही थी. अचानक कुछ घंटे पहले ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह करने के लिए अमेरिकी बमों का इस्तेमाल हुआ."
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