पहलगाम का जिक्र कर CM उमर अब्दुल्ला बोले, 'सरकार या तो पर्यटन को बढ़ावा देना बंद कर दे या फिर..'
जम्मू-कश्मीर में कई पर्यटन स्थलों को बंद रखने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि द्रंग, दूधपथरी, युसमर्ग, तोसा मैदान बंद हैं और पहलगाम के आगे, अरु और बेताब घाटी भी बंद हैं.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रशासन की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति का दिखावा किया जा रहा है, जबकि कई पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए बंद रखा गया है.
उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अगर लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए बंद ही रहे, तो सरकार के पर्यटन प्रोत्साहन अभियान निरर्थक होंगे.
पहलगाम में जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था- उमर अब्दुल्ला
गुलमर्ग में पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, "पहलगाम में जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था. तब से, कई कदम उठाए गए हैं. लेकिन जब तक बंद स्थलों को खोला नहीं जाता, तब तक हमारा पर्यटन संवर्धन एक निरर्थक प्रयास होगा. अगर वे खुले ही नहीं हैं, तो पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संसाधन खर्च करने का क्या मतलब है?"
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर बहुत अधिक निर्भर है और उन्होंने आगाह किया कि पर्यटन स्थलों को बंद करने से घाटी के बारे में नकारात्मक धारणा बनती है.
सीएम ने गिनाए पर्यटन स्थल के नाम
गुलमर्ग कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करने के बाद सीएम ने कहा, "यह अजीब है कि हम बाहर जाकर पर्यटकों को यहां लाने की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई पर्यटन स्थल बंद हैं. द्रंग, दूधपथरी, युसमर्ग, तोसा मैदान बंद हैं और पहलगाम के आगे, अरु और बेताब घाटी भी बंद हैं."
उन्होंने कहा, ''सरकार या तो पर्यटन को बढ़ावा देना बंद कर दे या यह सुनिश्चित करे कि इन पर्यटन स्थलों पर निर्भर लोगों को मुआवजा मिले.''
कश्मीर में पर्यटन से जुड़े लोगों ने विभिन्न रिसॉर्ट्स तक सीमित पहुंच पर बार-बार चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बाधित होती है.
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय समेत 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी.
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