CM उमर अब्दुल्ला की मुश्किलें बढ़ीं, NC के 10 विधायकों ने की दूसरी गुप्त बैठक
जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 10 विधायकों ने श्रीनगर में एक और बंद कमरे में बैठक की. यह 'नाराज' विधायकों की यह दूसरी बैठक थी.

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर चल रही नाराजगी के बीच, राज्य के लगभग 10 विधायकों ने श्रीनगर में एक और बंद कमरे में बैठक की. 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार के बाद, 'नाराज' विधायकों की यह दूसरी बैठक थी. सूत्रों के अनुसार, नाराज विधायकों की यह बैठक मंगलवार (3 नवंबर) शाम श्रीनगर के हैदरपोरा स्थित गुलबर्ग कॉलोनी में तंगमर्ग के विधायक फारूक अहमद शाह के आवास पर हुई.
इस बैठक में NC के कई विधायक शामिल हुए, जिनमें लोलाब के विधायक कैसर जमशेद लोन, बिजबेहरा के विधायक डॉ. बशीर अहमद वीरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मुबारक गुल और गुरेज के विधायक नजीर अहमद गुरेजी आदि शामिल थे. यह बैठक 30 अक्टूबर को हुई NC विधायकों की बैठक का ही अगला हिस्सा थी, जिसमें पार्टी नेतृत्व के सामने पहले रखी गई मांगों पर चर्चा की गई. सूत्रों ने बताया कि विधायकों ने आगे की कार्रवाई और NC नेतृत्व के सामने अपनी मांगों को रखने की साझा रणनीति पर विचार-विमर्श किया.
कैबिनेट फेरबदल रहा बंद कमरे वाली बैठक का मुख्य एजेंडा
मंगलवार की इस बंद कमरे वाली बैठक का मुख्य एजेंडा वे मुद्दे थे जो पिछली बैठक में उठाए गए थे. इनमें प्रस्तावित कैबिनेट फेरबदल, मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव, मुख्यमंत्री के सलाहकार को हटाना, और सरकार तथा पार्टी विधायकों के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषय शामिल थे.
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब आगा रुहुल्लाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और श्रीनगर के सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है. इससे कुछ दिन पहले, 30 अक्टूबर को NC के 18 विधायक कैसर जमशेद लोन के श्रीनगर स्थित आवास पर इकट्ठा हुए थे. 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा किए गए कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों को लेकर इससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं.
इससे पहले, विधायकों ने संगठनात्मक और राजनीतिक चिंताओं पर चर्चा की. उन्होंने अपनी शिकायतों को NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तक पहुंचाने के लिए चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया, जिसका नेतृत्व नजीर अहमद गुरेजी और थानामंडी के विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे.
मांगों को पूरा करने के लिए दो सप्ताह की समय-सीमा
बाद में, पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को 10 सूत्रीय मांगों का एक पत्र सौंपा गया, जिसमें इन मांगों को पूरा करने के लिए दो सप्ताह की समय-सीमा तय की गई है. लेकिन, बागी सांसद आगा रूहुल्लाह ने अपने इस्तीफे की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. उन्होंने पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे बीजेपी के सामने झुक गए हैं, और उन्होंने चुनाव घोषणापत्र, पार्टी तथा जम्मू-कश्मीर की जनता को हाशिए पर डाल दिया है.
इस समय मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल जम्मू में हैं, और पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी अभी श्रीनगर नहीं लौटे हैं. ऐसे में, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने खड़े संकट को संभालने की जिम्मेदारी पार्टी के महासचिव अली मोहम्मद सागर और अन्य नेताओं पर आ गई है.





















