अमरनाथ यात्रा: जम्मू पहुंचे श्रद्धालु, तत्काल रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने पर उठाए गए सवाल
Amarnath Yatra 2006: अमरनाथ यात्रा के लिए हजारों श्रद्धालुओं द्वारा जम्मू पहुंचना शुरू कर दिया गया है. वहीं, करंट रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. यात्रा के पहले जत्थे को 2 जुलाई को जम्मू से बाबा बर्फानी के दरबार के लिए रवाना किया जाएगा. इसी बीच, 'बम-बम भोले' के जयकारों के साथ देशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा जम्मू पहुंचना शुरू कर दिया गया है. यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले ही जम्मू पहुंचे इन भक्तों द्वारा भगवान भोलेनाथ के जल्द दर्शन कराए जाने की इच्छा प्रकट की जा रही है.
करंट रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर भारी भीड़, व्यवस्था पर उठे सवाल
जिन भक्तों द्वारा पहले से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया गया था, उनके द्वारा जम्मू में स्थापित किए गए करंट (तत्काल) रजिस्ट्रेशन काउंटरों के बाहर लंबी कतारें लगा ली गई हैं. हालांकि, जम्मू पहुंचे इन भक्तों द्वारा प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. श्रद्धालुओं द्वारा दावा किया गया है कि रजिस्ट्रेशन काउंटरों को खुलने के कुछ ही देर बाद बंद कर दिया गया, जिसके कारण अधिकतर लोगों का पंजीकरण नहीं किया जा सका है. इन लोगों द्वारा सरकार से मांग की जा रही है कि करंट रजिस्ट्रेशन का कोटा तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन कराए जा सकें.
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'शुरुआती दिनों में होते हैं पूर्ण हिमलिंग के दर्शन'
वहीं, कुछ भक्तों द्वारा सूझबूझ दिखाते हुए पहले या दूसरे जत्थे के लिए ही अपना रजिस्ट्रेशन कराकर जम्मू पहुंचा गया है. इन भक्तों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा जानबूझकर शुरुआती दिनों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है, ताकि पवित्र हिमलिंग के पूर्ण रूप में दर्शन किए जा सकें.
श्रद्धालुओं द्वारा जानकारी दी गई कि यात्रा के शुरुआती दिनों में शिवलिंग को अपने पूर्ण आकार में पाया जाता है और उसके दर्शन किया जाना एक बड़ा सौभाग्य माना जाता है. कई बार यह भी देखा गया है कि यात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद पवित्र शिवलिंग अंतर्ध्यान (पिघलना) हो जाता है, जिससे बाद में आने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र हिमलिंग के पूर्ण दर्शन नहीं कराए जा पाते हैं.

























