Himachal Pradesh: कुल्लू के 5 गांवों में हाईवे चौड़ीकरण से लैंडस्लाइड का खौफ, 9 परिवारों ने घर छोड़ा
Himachal Pradesh News: कुल्लू के 5 गांवों में हाईवे चौड़ीकरण के चलते भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. 9 परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए हैं. स्थानीय लोग एनएचएआई से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश के किरतपुर-मनाली हाईवे के किनारे मौजूद 5 गांवों में कम से कम 9 परिवारों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएचएआई द्वारा गलत तरीके से सड़क चौड़ीकरण किए जाने की वजह से जमीन खतरनाक रूप से अस्थिर हो गई है.
घर और जमीन दोनों प्रभावित
बलीचौकी उपमंडल के अधिकारियों ने बताया कि यहां तनिपरी, शाला नाल, जला नाल, तन्हुल और थलौत गांव मौजूद हैं. यहां ज्यादातर घरों में दरारें पड़ने लगी हैं. खेती की जमीन धंसने लगी है.
बलीचौकी उपमंडल मजिस्ट्रेट देवी सिंह ने कहा, "भूस्खलन के पीछे मुख्य कारण हाईवे चौड़ीकरण का काम लगता है. हमने एनएचएआई से बात की है और उनसे लैंडस्लाइड वाले स्थानों पर रिटेनिंग वॉल बनाने को कहा है."
स्थानीयों लोगों ने किया विरोध
स्थानीय शौभा राम भारद्वाज ने बताया कि तीन साल पहले हाईवे चौड़ा करना शुरू होने के बाद उनके घरों में दरारें आने लगीं और जमीन फिसलने लगी. उन्होंने कहा, "इस काम के लिए नियुक्त कंपनी ने सड़क को वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाया और हमारी विरोध के बावजूद पहाड़ों को सीधा काट दिया."
परिवारों ने घर किया खाली
सोमवार को तनिपरी गांव में 9 परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए. ये घर हाईवे की सुरंग के ऊपर स्थित थे और भूस्खलन क्षेत्र अब गाँव के लगभग किनारे तक पहुँच गया था. परिवारों के कुल 28 सदस्य प्रभावित हुए हैं.
लोगों ने की मुआवजे की मांग
प्रभावित गांवों के लोग एनएचएआई से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भूस्खलन से सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं.
मजिस्ट्रेट देवी सिंह ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल और सुरक्षा उपाय जल्द किए जाएंगे, ताकि लोगों की जान और संपत्ति सुरक्षित रह सके.
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Source: IOCL






















