Himachal: शिमला के BCS स्कूल के 3 बच्चों के अपहरण की पूरी कहानी, पीड़ित ने खुद सुनाई आपबीती
Himachal Pradesh News: शिमला के BSC से 3 बच्चों का अपहरण हुआ, जिन्हें किडनैपर गनपॉइंट पर कार में 60 किमी दूर ले गया. पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को पकड़ा और तीनों को सकुशल परिवार से मिलवाया.

हिमाचल प्रदेश के शिमला के नामी बिशप कॉटन स्कूल (BCS) के 3 बच्चों के अपहरण का मामले में कुछ घंटों में पुलिस ने आरोपी को काबू किया था. तीनों बच्चों को भी सकुशल बरामद किया था. करनाल के अंगद समेत तीनों बच्चों के ग्रुप से उठाया गया था.
इसके बाद किडनैपर दिल्ली के फर्जी नंबर प्लेट की गाड़ी में उन्हें 60 किमी दूर ले गया. अंगद अब करनाल में अपने परिवार के बीच सकुशल लौट गया है. अंगद और उसके ताऊ ने मामले की आपबीती बताई, हिमाचल पुलिस और सरकार का धन्यवाद किया.
किडनैपर ने तीनों बच्चों को गनपॉइंट पर लिया
किडनैपर ने तीनों बच्चों को गनपॉइंट पर लिया, फिर उनके परिजनों के नंबर मांगे और फिरौती के लिए कॉल किया था. इसके अलावा, बच्चों की आंखों पर पट्टी बांधकर मुंह पर टेप भी चिपका दी थी. अंगद के ताऊ पप्पू लाठर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि किडनैपर ने सबसे पहले बच्चों को गनपॉइंट पर लिया.
ताऊ ने बताया कि उसने तीनों से अपने-अपने घर वालों के नंबर बताने के लिए कहा. नंबर न बताने पर उसने बच्चों को जान से मारने की धमकी दी. करनाल के अंगद को अपने घर का नंबर पता था, उसने नंबर बता दिया. उस समय अंगद की मम्मी ने कॉल उठाया.
हिमाचल पुलिस ने इस मामले में पूरा सहयोग किया- ताऊ
ताऊ ने बताया कि फोन उठाते ही किडनैपर ने धमकाते हुए कहा कि हमने तुम्हारे बच्चे को किडनैप किया है. उसे गनपॉइंट पर ले रखा है. हमें पैसे चाहिए. फोन स्विच ऑफ मत करना और पुलिस को बताने की गलती मत करना. अंगद के ताऊ ने बताया कि हिमाचल पुलिस और हिमाचल की जनता ने इस मामले में पूरा सहयोग किया.
उन्होंने हमें बताया कि हिमाचल के मुख्यमंत्री समेत कई हरियाणा के नेता भी मेरे संपर्क में थे और लगातार मुझे हौसला दे रहे थे कि सब कुछ ठीक होगा और बच्चे सकुशल वापस लौटेंगे. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले किडनैपर का फोन अंगद की मां के पास आया. हमें यकीन नहीं हुआ कि ऐसा कुछ भी हो सकता है.
किडनैपर ने बच्चों को काफी डराया और धमकाया
अंगद के ताऊ ने बताया कि फिर हमने स्कूल में फोन किया, जहां से भी हमें जानकारी प्राप्त हुई कि यहां से तीन बच्चे लापता हैं. उन्होंने कहा कि अंगद का बड़ा भाई भी नौवीं कक्षा में इसी स्कूल में पढ़ता है और 4 बच्चे पहले भी हमारे स्कूल से पास आउट हो चुके हैं.
उन्होंने कहा कि हमें यकीन नहीं हो रहा कि इतने सालों से स्कूल में ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन अचानक यह मामला सामने आया. हमारे पहुंचने के बाद वहां पंजाब और हिमाचल के वे परिवार भी पहुंच चुके थे, जिनके दो बच्चे थे. किडनैपर ने बच्चों को काफी डराया और धमकाया भी था कि उनकी एक उंगली काट देंगे और उन्हें चेन्नई ले जाएंगे.
किडनैपर ने हमारे साथ कोई मारपीट नहीं की- अंगद
फिलहाल, अपनी आपबीती बताते हुए उन्होंने हिमाचल पुलिस का शुक्रिया किया कि उनके बच्चे सकुशल इस समय घर पर मौजूद हैं. अंगद ने भी अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि दोपहर को हमें एक व्यक्ति अपनी कार में बिठाकर ले गया था. हम 3 दोस्त एक साथ थे और वह व्यक्ति अकेला था, जो अपनी कार में बिठाकर हमें अपने साथ ले गया.
अंगद ने बताया कि किडनैपर ने हमारे साथ कोई मारपीट नहीं की और हमें अच्छे से रखा. हमें खाना भी खिलाया. व्यक्ति हमें स्कूल के बाहर से ही लेकर गया था. उसने हमें ले जाकर हमारी आंखों पर पट्टी बांधी और कमरे पर ले जाकर हमारे हाथों के पीछे रस्सी से बांध दिया. ज्यादा डर नहीं लगा.
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Source: IOCL



























