Venezuela Vs US Dollar: 1 हजार की कीमत 3 लाख, अमेरिकी डॉलर की वेनेजुएला में वैल्यू उड़ा देगी होश, चौंकाने वाला आंकड़ा
अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है. जानिए कैसे वेनेजुएला में डॉलर ने बोलिवर की जगह ले ली और आर्थिक संकट गहराता गया.

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. इस वजह से ग्लोबल लेवल पर हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि, इस बीच हम ये बताएंगे की कैसे अमेरिका ने न सिर्फ राजनीतिक स्तर पर वेनेजुएला पर दबाव बना दिया है, बल्कि उनकी करेंसी का भी वेनेजुएला में काफी दबदबा है.
वेनेजुएला की आधिकारिक करेंसी का नाम बोलिवर सोबेरानो है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर VES कोड से पहचाना जाता है. यह मुद्रा लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट और बेकाबू महंगाई का सामना कर रही है. हालात इतने खराब हो गए कि सरकार को बार-बार नोटों से शून्य हटाने पड़े.
बोलिवर की कीमत खत्म
वेनेजुएला में बढ़ती महंगाई ने बोलिवर की कीमत को लगभग खत्म कर दिया. साल 2008, फिर 2018 और उसके बाद 2021 में सरकार ने मुद्रा सुधार के तहत नोटों की कीमतों में कई तरह के बदलाव किए. इसके बावजूद मुद्रा की गिरावट थमी नहीं. इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा और रोजमर्रा की चीजें भी बेहद महंगी हो गईं.
डॉलर बना आम लोगों की पसंद
बोलिवर की कमजोरी के चलते वेनेजुएला में अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा. आज हालात यह हैं कि बाजार में ज्यादातर सामान और सेवाओं की कीमत डॉलर में तय की जाती हैं. हालांकि भुगतान बोलिवर में भी किया जा सकता है, लेकिन लोग डॉलर को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं. धीरे-धीरे डॉलर वेनेजुएला में एक समानांतर मुद्रा की तरह इस्तेमाल होने लगा है.
डॉलर क्यों है ज्यादा मजबूत
अमेरिकी डॉलर दुनिया की सबसे स्थिर और मजबूत मुद्राओं में गिना जाता है. वेनेजुएला में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के कारण लोगों का भरोसा अपनी मुद्रा से उठ गया है. ऐसे में डॉलर बचत और लेनदेन का सबसे सुरक्षित जरिया बन गया है. Wise डॉट कॉम के अनुसार, वेनेजुएला में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 304.30 बोलिवर सोबेरानो के बराबर है. यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि बोलिवर की तुलना में डॉलर कितनी मजबूत स्थिति में है. इस हिसाब से देखा जाए तो अगर कोई अमेरिकी वेनेजुएला में 1 हजार डॉलर लेकर जाता है तो वहां उसकी कीमत 3 लाख 4 हजार बोलिवर हो जाएगा.
आर्थिक संकट की असली तस्वीर
दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल होने के बावजूद वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था कमजोर बनी हुई है. महंगाई, मुद्रा अवमूल्यन और विदेशी प्रतिबंधों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. जब तक आर्थिक स्थिरता नहीं आती, तब तक बोलिवर का भविष्य चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है.
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