दिल्ली दौरे से लौटे CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल के मुद्दों को उठाया
Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री सुक्खू दिल्ली दौरे से शिमला लौट आए हैं. दिल्ली में उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी, रेवेन्यू डेफिसिएट ग्रांट और OPS जैसे अहम मुद्दे उठाए.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे से शिमला वापस लौट गए हैं. दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के अहम मुद्दों को उठाया, जिसको लेकर केंद्रीय मंत्रियों ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है.
शिमला लौटने पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों से राज्य के विभिन्न मसले उठाए गए हैं.
इनमें प्रमुख मुद्दे शामिल हैं:
1.सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाना
2.राज्य के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपए की रेवेन्यू डेफिसिएट ग्रांट
3.पीएम मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए का पैकेज जल्द जारी करना
4.GST से प्रदेश को हो रहे नुकसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन मुद्दों पर केंद्रीय मंत्रियों ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही है.
OPS से UPS पर चर्चा
इस दौरान OPS (ओल्ड पेंशन स्कीम) से UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) पर जाने को लेकर भी केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्रियों ने इस पर विचार करने की बात कही है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए OPS नहीं दी है. उन्होंने कहा, "OPS लागू करने से सरकार को नुकसान हुआ है, लेकिन यह कर्मचारियों का हक है."
कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात
इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की है. इस मुलाकात में पार्टी संगठन और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने जल्द कैबिनेट विस्तार और फेरबदल के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कैबिनेट रिशफल भी की जाएगी. यह संकेत राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की ओर इशारा करते हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट फेरबदल से सरकार में नई ऊर्जा आ सकती है और कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है.
चिल्ड्रन ऑफ स्टेट बच्चों से मुलाकात
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जनवरी को शिमला से दिल्ली और गोवा के लिए रवाना किए गए चिल्ड्रन ऑफ स्टेट बच्चों के वापस लौटने पर आज उनसे मुलाकात की और बच्चों के अनुभवों को जाना. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 75 लाख जनता का हिमाचल प्रदेश की संपदा पर पूरा अधिकार है, जो पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित थी.
उन्होंने कहा, "सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर सुखाश्रय जैसी योजनाओं को शुरू कर आम लोगों तक सरकारी संपदा पहुंचाने का काम किया है."
हिमाचल के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता राशि से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी. सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाना जरूरी है, जिससे स्थानीय किसानों को बेहतर दाम मिल सकें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में काम कर रही है और केंद्र से मिलने वाली हर संभव सहायता का उपयोग प्रदेश के विकास में किया जाएगा.
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Source: IOCL
























