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बिंदल का सुक्खू सरकार पर हमला; बेरोजगारी, मंहगाई के मुद्दों पर घेरा

Himachal Politics: उन्होंने कहा कि प्रदेश का बेरोजगार युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. युवाओं में आक्रोश है और वो लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने बीजेपी प्रदेश मुख्यालय दीपकमल, शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस की सुक्खू सरकार पर बेरोजगारी, बढ़ते टैक्स, महंगाई, कर्ज और ठप पड़े विकास को लेकर जोरदार हमला बोला.

उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने हिमाचल के बेरोजगार युवाओं को सबसे बड़ा सपना दिखाया और सत्ता प्राप्त करने के बाद उन्हीं युवाओं के भविष्य के साथ सबसे बड़ा मजाक किया.

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बिंदल कांग्रेस के कार्यकाल पर उठाए सवाल

बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था. यह भी कहा गया था कि एक लाख सरकारी नौकरियां पहली कैबिनेट से देने की प्रक्रिया शुरू होगी. कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश में करीब 87 हजार पद रिक्त होने की बात कहते हुए 33 हजार अतिरिक्त पद सृजित करने का दावा किया था.

उन्होंने कहा कि आज सरकार का कार्यकाल लगभग चार वर्ष पूरा होने की ओर है, लेकिन युवाओं के हाथ में नौकरी के बजाय निराशा आई है. अब उच्च न्यायालय के समक्ष आए विषयों में सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने की स्थिति सामने आ रही है. पिछले वर्षों में हजारों कर्मचारी और सेवानिवृत्त हुए हैं, जिससे रिक्तियों की संख्या और बढ़ी है.

'युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा'

बिंदल ने कहा, “कांग्रेस ने कहा था एक लाख सरकारी नौकरियां देंगे, लेकिन आज स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं और बेरोजगार युवक लाइब्रेरियों में वर्षों से परीक्षाओं की तैयारी करते-करते थक चुका है.”

उन्होंने कहा कि प्रदेश का बेरोजगार युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. युवाओं में आक्रोश है और वो लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं. कांग्रेस ने रोजगार के नाम पर जो सपने दिखाए थे, अब वही वादे उसके लिए सबसे बड़ा सवाल बन गए हैं.

‘पेपर हुआ ही नहीं तो लीक कहां से होगा?’

कांग्रेस सरकार द्वारा पेपर लीक न होने को उपलब्धि बताने पर डॉ. बिंदल ने तंज कसते हुए कहा, “पेपर हुआ ही नहीं तो लीक कहां से होगा?” तीन-चार वर्षों से विद्यार्थी लाइब्रेरियों में बैठकर भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अनेक भर्तियों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही. उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने के बजाय ऐसी नियुक्तियों पर जवाब दे, जिनमें न लिखित परीक्षा हुई और न इंटरव्यू.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के एक मंत्री स्वयं सार्वजनिक रूप से सैकड़ों लोगों को लगाने की बात कह चुके हैं. सरकार बताए कि इन नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया क्या थी और ऐसे कितने लोग विभिन्न विभागों व संस्थानों में लगाए गए हैं. डॉ. बिंदल ने कहा कि बीजेपी ऐसी नियुक्तियों में पारदर्शिता की मांग करती है और आवश्यकता पड़ने पर इनकी जांच होनी चाहिए.

गरीब की आमदनी नहीं बढ़ाई, खर्च कई गुना बढ़ा दिया

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी विफलता यह है कि उसने आम आदमी की आय बढ़ाने के लिए कोई प्रभावी काम नहीं किया, लेकिन उसका खर्च बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त सेस लगाया. इससे पहले सत्ता में आने के बाद डीजल पर वैट बढ़ाया गया था. पेट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ा आर्थिक बोझ सीधे तौर पर परिवहन लागत और फिर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित करता है.

डॉ. बिंदल ने दावा किया कि एक अनुमान के अनुसार कांग्रेस सरकार के लगभग पौने चार वर्षों के कार्यकाल में पेट्रोल-डीजल पर बढ़े करों और कीमतों के कारण प्रदेश की जनता पर करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है. उन्होंने कहा कि अब सरकार ने 60 पैसे प्रति लीटर का नया सेस लगाकर जनता की जेब पर एक और प्रहार कर दिया है.

सीमेंट से स्टांप ड्यूटी तक- हर तरफ टैक्स की मार

डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार केवल पेट्रोल और डीजल तक नहीं रुकी. सीमेंट पर टैक्स का बोझ बढ़ने से सीमेंट उत्पादक राज्य होने के बावजूद हिमाचल में उपभोक्ताओं को पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगा सीमेंट खरीदना पड़ रहा है. इसका सबसे अधिक असर उस गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार पर पड़ता है जो जीवनभर की कमाई से अपना छोटा सा घर बनाता है. उन्होंने कहा कि स्टांप ड्यूटी में भी कई श्रेणियों में भारी बढ़ोतरी की गई. विद्यार्थी, बेरोजगार युवा और सामान्य नागरिक विभिन्न प्रमाणपत्रों एवं दस्तावेजों के लिए इसका भार झेल रहे हैं.

राशन व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि डिपुओं पर मिलने वाली दाल, तेल, चावल और आटे की कीमतों में वृद्धि ने गरीब परिवार का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है. राशन न लेने पर अगले महीने पुराने कोटे को लेकर बदली व्यवस्था से भी लोगों को परेशानी हो रही है.

बस महंगी, बिजली महंगी, पानी महंगा और इलाज भी महंगा

डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) से प्रतिदिन यात्रा करने वाले विद्यार्थी, कर्मचारी, मजदूर और सामान्य परिवार भी सरकार की नीतियों से प्रभावित हैं. किरायों और रियायतों में बदलाव तथा कई रूट बंद होने के कारण लोगों का दैनिक यात्रा खर्च बढ़ा है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले बिजली में राहत का सपना दिखाया था, लेकिन आज सब्सिडी में कटौती और विभिन्न शुल्कों के कारण उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ रहा है. पानी से लेकर बिजली तक सामान्य परिवार का मासिक खर्च बढ़ा है.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कई जांचों के लिए लोगों को पैसा खर्च करना पड़ रहा है, दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित है और अनेक जांच बाहर से करवानी पड़ती हैं. हिमकेयर के तहत निजी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था प्रभावित होने का सबसे अधिक नुकसान गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हुआ है.

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बागवान-किसान भी टैक्स और महंगाई से परेशान

डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में किसान और बागवान की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन खाद, बीज, कीटनाशक, परिवहन और अन्य कृषि-बागवानी इनपुट महंगे होने से उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है. सरकार को किसान-बागवान की लागत घटानी चाहिए थी, लेकिन उसे पर्याप्त राहत नहीं मिली. उन्होंने पूछा कि जब सरकार लगातार जनता की जेब से पैसा निकाल रही है तो वह पैसा आखिर जा कहां रहा है?

कर्ज बढ़ा, लेकिन विकास कहां है?

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में हजारों करोड़ों रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर विकास दिखाई नहीं देता. प्रदेश की सड़कों की हालत खराब है, नई भर्तियां ठप हैं, नए संस्थान खोलने के बजाय पुराने संस्थानों पर ताले लगाए गए और विकास योजनाओं की गति प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो बड़े सड़क एवं आधारभूत ढांचे के कार्य दिखाई दे रहे हैं, उनमें केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि की महत्वपूर्ण भूमिका है.

उन्होंने कहा कि कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन पेंशनरों के एरियर, महंगाई भत्ता, मेडिकल बिल और कर्मचारियों की दूसरी देनदारियों के भुगतान में लगातार देरी हो रही है. ऐसे में प्रदेश की जनता सरकार से पूछ रही है कि नौकरियां नहीं मिलीं, विकास नहीं हुआ, संस्थान बंद हुए और टैक्स लगातार बढ़े, तो हजारों करोड़ का कर्ज आखिर गया कहां?

मानसून सत्र में सरकार को घेरेगा बीजेपी विधायक दल

आगामी विधानसभा मानसून सत्र को लेकर डॉ. बिंदल ने कहा कि बीजेपी विधायक दल लगातार अपनी रणनीति तैयार कर रहा है. विधानसभा के भीतर सरकार की जनविरोधी और गरीब विरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और माफिया राज से जुड़े विषयों को पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी इन विषयों को सदन के साथ-साथ जनता के बीच भी लेकर जाएगी और कांग्रेस सरकार की नीतियों का पर्दाफाश करेगी.

2027 के लिए पूरी तरह तैयार बीजेपी

डॉ. बिंदल ने कहा कि बीजेपी बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत कर रही है. विधि, चिकित्सा, व्यापार सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों तक पार्टी की विचारधारा, नीतियां और कार्यक्रम पहुंचाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “2027 हमारा स्वाभाविक लक्ष्य है. प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के नाते बीजेपी पूरी मजबूती के साथ 2027 की तैयारी में जुटी हुई है.”

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश का आम आदमी आज कांग्रेस सरकार से हिसाब मांग रहा है कि आखिर एक लाख सरकारी नौकरियां कहां हैं, पांच लाख रोजगार कहां हैं, हजारों रिक्त पद क्यों नहीं भरे जा रहे, टैक्स लगातार क्यों बढ़ रहे हैं, कर्ज का पैसा कहां खर्च हुआ और विकास क्यों ठप पड़ा है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की उम्मीद और गरीब-मध्यम वर्ग की जेब दोनों पर चोट की है. जनता इसका हिसाब समय आने पर कांग्रेस से अवश्य लेगी.

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पराक्रम चन्द 20 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं. हिमाचल की हर छोटी-बड़ी खबरों पर नजर रखते हैं. सियासी खबरों में खास दिलचस्पी रखते हैं. उन्होंने हिंदी में एम फिल हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से किया है. उन्हें महर्षि नारद पुरस्कार से 2019 में सम्मानित किया गया.

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