हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, CM के साथ बैठक के बाद फैसला
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में आज (23 अक्टूबर) बातचीत हुई. अब उन्होंने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया है.

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दिया. कर्मचारी संगठन ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं. कर्मचारी बिजली के निजीकरण का विरोध कर रहे थे. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ मीटिंग के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया. अभी से बिजली सप्लाई रिस्टोर करने पर काम शुरू हो जाएगा.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, ''हमारे जो मंत्री हैं, पिछले कई दिनों से इस विषय के साथ जुड़े हैं कि प्रदेश के लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो. हमारे जो बिजली विभाग के सभी पदाधिकारी हैं, वे उनके संपर्क में थे. पिछले दिनों जब HERC ने एक आदेश पारित किया. इस आदेश के पारित होने से पहले जब इसे लेकर सुगबुगाहट थी, उस समय (ऊर्जा) मंत्री ने विधानसभा में अपना स्पष्ट रूख बताया था कि हम इसके खिलाफ हैं.
हम पूरी तरह से बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ- नायब सिंह सैनी
सीएम ने आगे कहा, ''सरकार अपनी जगह पर है. हम पूरी तरह से बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ हैं. जब ये आदेश आया तब उस आदेश को लेकर अजीब स्थिति पैदा हुई. उसे लेकर बिजली कर्मचारी यूनियन के सभी कर्मचारी और पदाधिकारी हड़ताल पर गए. आज सौहार्दपूर्ण वातावरण में उनसे बातचीत हुई है. इस बातचीत से वे भी संतुष्ट हैं और उन्होंने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया है.''
मुख्यमंत्री सैनी ने ये भी कहा कि HERC का अलग एक्ट है, जिसके तहत वे काम करती है. हमने आज एक निर्णय किया है. इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के सेक्शन 108 के तहत सरकार HERC को निर्देश देती है कि इस फैसले का रिव्यू किया जाए.
मंत्री अनिल विज ने क्या कहा?
मंत्री अनिल विज ने कहा, "मैंने और मुख्यमंत्री ने लेटर पर साइन कर दिया है और विभाग को दे दिया है कि तुरंत इस पर कार्रवाई हो और इसे रोका जाए. यूनियन की कुछ मांगे थीं, उन पर मेरा विभाग लगातार काम कर रहा है. लेकिन आज हमने उन मांगों पर चर्चा नहीं की है. उसके लिए मैंने 3 नवंबर को दोपहर तीन बजे का समय दिया है."
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