पंचकूला: मासूम लड़की पर बर्बरता से हमला करने वाला आरोपी बच्चा बोला- 'हाथ जोड़कर सॉरी बोल दूंगा'
पंचकूला स्कूल में 6 साल की बच्ची पर हमले के मामले में 8 वर्षीय छात्र से पूछताछ हुई. जांच में फ्री फायर गेम डाउनलोड करने और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम खुलासे हुए.

पंचकूला के सरकारी स्कूल में 6 साल की बच्ची पर जानलेवा हमला करने के मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. आरोपी 8 वर्षीय छात्र ने पूछताछ के दौरान अपनी गलती मानी है. जब उससे पूछा गया कि क्या उसे अंदाजा है कि बच्ची की जान भी जा सकती थी, तो वह कुछ देर तक चुप रहा. बाद में उसने कहा कि अगर बच्ची से दोबारा मुलाकात हुई तो वह हाथ जोड़कर सॉरी बोल दूंगा.
अंबाला ऑब्जर्वेशन होम में जांच अधिकारियों ने बच्चे से पूछताछ की. इस दौरान उसने बताया कि उससे गलती हो गई. हालांकि, बच्ची पर हमला करने के पीछे की वजह को लेकर वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया. पिता ने भी उससे कई बार घटना के बारे में पूछा, लेकिन वह यही कहता रहा कि उसे कुछ याद नहीं है और उसे नहीं पता कि ऐसा कैसे हो गया.
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वारदात से दो दिन पहले डाउनलोड किया था गेम
जांच में पता चला है कि बच्चे ने घटना से दो दिन पहले अपने मोबाइल में फ्री फायर गेम दोबारा डाउनलोड किया था. करीब डेढ़ महीने पहले उसकी मां ने मोबाइल से यह गेम हटवा दिया था. लेकिन बच्चा दोबारा खेलना चाहता था. इसके लिए उसने पड़ोस में रहने वाली एक महिला के मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल किया और गेम डाउनलोड कर लिया.
घटना वाले दिन पिता को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने फिर से गेम डिलीट करवा दिया. हालांकि, हमले के पीछे गेम की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस बच्चे की काउंसलिंग के जरिए इस पहलू को समझने की कोशिश करेगी.
700 बच्चों की निगरानी के लिए बचे थे 12 शिक्षक
घटना के दिन स्कूल के 20 कर्मचारियों में से 8 सेमिनार में शामिल होने गए थे. ऐसे में करीब 700 बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ 12 शिक्षकों पर थी. जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कर्मचारियों की अनुपस्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए थे या नहीं.
जांच के मुताबिक, तीसरी कक्षा का छात्र बच्ची को बहलाकर पहली मंजिल पर बने खाली कमरे में ले गया था, जहां उसने ईंट से हमला किया. मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रिंसिपल नीलू कल्याल को निलंबित कर दिया है. इससे पहले दो अध्यापिकाओं को भी निलंबित किया जा चुका है.
जीएमएसएच में होगी बच्चे की काउंसलिंग
8 वर्षीय छात्र की सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमएसएच में काउंसलिंग होगी. मनोरोग विभाग के डॉक्टरों का पैनल उसके व्यवहार और मानसिक स्थिति को समझने की कोशिश करेगा. इस दौरान उसके माता-पिता भी मौजूद रहेंगे.
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वहीं, शिक्षिका के मुताबिक, बच्चा कक्षा में दूसरे विद्यार्थियों से अलग रहता था और उसे पिछली सीट पर बैठना पसंद था. पढ़ाई में भी उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं था. हालांकि, उसके व्यवहार में ऐसी कोई असामान्य बात नजर नहीं आई थी. हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.






















