गुरुग्राम: स्कूलों को बम की धमकी देने वाला गिरफ्तार, 9 साल पहले बांग्लादेश से आया था, बनवाए फर्जी कागज
Gurugram News In Hindi: गुरुग्राम में स्कूलों को बम की झूठी धमकी देने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार किया. आरोपी बांग्लादेशी नागरिक है, जो 9 साल से अवैध रूप से भारत में रह रहा था.

साइबर सिटी गुरुग्राम में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूलों में बम होने की झूठी ईमेल भेजकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपी बांग्लादेश का नागरिक है, जो पिछले करीब 9 सालों से भारत में अवैध तरीके से रह रहा था. पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है.
मामला 28 जनवरी का है, जब गुरुग्राम के कई नामी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी. इस सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था. तुरंत डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजा गया. घंटों तक स्कूलों की तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला. बाद में यह साफ हुआ कि यह सिर्फ अफवाह फैलाने की साजिश थी.
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम टीम ने जांच शुरू की. तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंची. 19 मार्च को उसे गुजरात से गिरफ्तार किया गया. आरोपी की पहचान सौरभ विश्वास उर्फ माइकल के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है.
जांच में सामने आया कि सौरभ मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में फर्जी दस्तावेजों के जरिए रह रहा था. वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर भारत में रह रहा था.
फेसबुक के जरिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह फेसबुक ग्रुप के जरिए मामुनूर राशिद नाम के एक बांग्लादेशी शख्स के संपर्क में आया था. राशिद के कहने पर उसने करीब 300 जीमेल आईडी बनाकर दी थीं. इसके बदले उसे 250 यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) मिली थी.
अब बड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिस
इन्हीं जीमेल आईडी में से एक का इस्तेमाल गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी भेजने के लिए किया गया था. फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है. कोशिश है कि इस पूरे नेटवर्क और मुख्य साजिशकर्ता मामुनूर राशिद तक पहुंचा जा सके. पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
Source: IOCL



























