सत्य निकेतन हादसा Exclusive: ‘PG माफिया’ पर बड़ा खुलासा, नेताओं और ठेकेदार बॉबी की चर्चा
दिल्ली के सत्य निकेतन में जो हादसा हुआ उसने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए. वहीं अब स्थानीय लोगों ने इस पूरे हादसे के बाद खास नेक्सस का खुलासा किया है. पढ़ें एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-

दिल्ली के सत्य निकेतन में पूरी बिल्डिंग ढहने के हादसे ने इलाके में चल रहे PG को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे के बाद ABP News की पड़ताल में यहां रहने वाले कुछ छात्रों और स्थानीय निवासी ने इलाके में कथित ‘PG माफिया’ का आरोप लगाया.
छात्रों का कहना है कि पुरानी बिल्डिंगों को ठेके पर लिया जाता है और फिर उनमें बदलाव कर PG चलाए जाते हैं. इस बातचीत में PG की ठेकेदारी से जुड़े एक नाम और इलाके के नेताओं को लेकर भी दावे किए गए हैं.प
पुरानी बिल्डिंगें, ठेके पर PG और दलाली का आरोप
इलाके में रहने वाले छात्रों ने बताया कि यहां पुरानी बिल्डिंगों को ठेके पर लेकर PG में बदलने का काम होता है. छात्रों के मुताबिक, इलाके में सबसे ज्यादा यादव, केडी और बॉबी के PG हैं. छात्रों ने अपनी जानकारी के आधार पर यह भी बताया कि ‘हॉस्टल डेज PG’ बॉबी का ही है.
किराए को लेकर छात्रों ने एक और गंभीर दावा किया. उनका कहना है कि अगर कोई छात्र 20 हजार रुपये का PG लेता है तो उसे 10 हजार रुपये तक दलाली देनी पड़ती है. छात्रों के मुताबिक, इलाके में ज्यादातर PG का ठेका बॉबी के पास है.
छात्रों का दावा- बिल्डिंग की हालत की जानकारी थी
छात्रों ने आरोप लगाया कि बॉबी को बिल्डिंग की हालत के बारे में पता था, इसके बावजूद कुछ नहीं किया गया. छात्रों ने यह भी बताया कि उन्हें मीडिया के सामने अपनी बात रखने से मना किया जा रहा है.
छात्रों के मुताबिक, कथित PG माफिया से जुड़े लोग इलाके में घूम रहे हैं और उन्हें डर है कि मीडिया से बात करने के बाद उन्हें धमकाया जा सकता है. उनका कहना है कि अभी उनकी शक्ल देखी जा रही है, बाद में उन्हें पकड़ा जा सकता है. छात्रों ने बताया कि इसी वजह से यहां बच्चों में डर का माहौल है.
एक फ्लोर पर चार-चार PG, 10x10 फीट के कमरे
छात्रों के मुताबिक, यहां एक ही फ्लोर पर चार-चार PG चल रहे हैं और कमरों का आकार करीब 10 बाय 10 फीट है. छात्रों ने इलाके में चल रहे कथित PG माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि छोटी-छोटी गलियों के अंदर तक PG चल रहे हैं.
छात्रों के बाद एक स्थानीय निवासी ने भी ABP News से बातचीत में इलाके में चल रहे PG को लेकर गंभीर आरोप लगाए. स्थानीय निवासी का दावा है कि यहां कुछ नेता पहले तीसरी या चौथी मंजिल खरीदते हैं, फिर उसके ऊपर पांचवीं और छठी मंजिल बना देते हैं. उनके मुताबिक, करीब एक साल में ये मंजिलें तैयार हो जाती हैं और इसके बाद उनसे किराया लिया जाता है.
स्थानीय निवासी ने इलाके में खतरनाक तरीके से PG चलने का आरोप लगाया. उन्होंने एक बिल्डिंग की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि उसके ऊपर की आखिरी दो मंजिलें महज 4 इंच की दीवार पर खड़ी हैं.
पुराने-नए MLA और काउंसलर का भी जिक्र
स्थानीय निवासी ने दावा किया कि इलाके में चल रहे PG के इस कथित नेटवर्क में पुराने MLA और काउंसलर के साथ नए MLA और काउंसलर भी शामिल हैं. इसी बातचीत में उन्होंने बॉबी को इलाके में सक्रिय बताया.
स्थानीय निवासी के मुताबिक, बॉबी ज्यादातर फ्लोर खरीदता है या उन्हें किराए यानी ठेकेदारी पर लेता है, जिसके बाद उन्हें मॉडिफाइड कर PG में बदल दिया जाता है.
हादसे वाली बिल्डिंग को लेकर भी दावा
स्थानीय निवासी ने दावा किया कि जिस बिल्डिंग में हादसा हुआ, उसमें उन्होंने खुद चार दिन से काम होते देखा था. उनका कहना है कि यह बिल्डिंग पिछले एक साल से बंद थी.
नोट: इस रिपोर्ट में PG व्यवस्था, ठेकेदार बॉबी, नेताओं और बिल्डिंग की स्थिति को लेकर सामने आए दावे स्थानीय छात्रों और एक निवासी के बयानों पर आधारित हैं.






















