इंस्टाग्राम से पोस्ट और अकाउंट हटाने पर भड़के अभिजीत दीपके, PM मोदी पर निशाना
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर से सरकार विरोधी पोस्ट और अकाउंट पर कथित रूप से की जा रही कार्रवाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के कथित क्रैकडाउन के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि कल्पना कीजिए, अगर मनमोहन सिंह ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर उसी तरह से क्रैकडाउन की कार्रवाई की होती, जिस तरह से आज मोदी सरकार इंस्टाग्राम पर कार्रवाई कर रही है, तो क्या मोदी यहां तक पहुंच पाते?
उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर से सरकार विरोधी पोस्ट और अकाउंट पर कथित रूप से की जा रही कार्रवाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए दी. इसके साथ ही, दीपके ने यह चेतावनी भी दी है कि इंस्टाग्राम पर से कंटेट हटाकर या लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को क्रैकडाउन कर जनता को चुप कराने से उनकी परेशानियों और शिकायतों का हल नहीं होगा.
इंस्टाग्राम सिर्फ एक प्लेटफॉर्म जहां लोग सवाल उठा रहे- दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार (28 अक्टूबर, 2026) को एक अन्य X पोस्ट में कहा, ‘इंस्टाग्राम पर क्रैकडाउन करने की यह कार्रवाई काम नहीं करने वाली है! सरकार हर दिन हजारों पोस्ट और अकाउंट्स को हटा रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि वह एक बुनियादी बात को नजरअंदाज कर रही है कि इंस्टाग्राम महज एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां लोग अपने सवाल उठा रहे हैं.’
Imagine if Manmohan Singh had cracked down on Facebook and WhatsApp the way Modi is doing with Instagram today. Would Modi have made it this far?
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 28, 2026
The Instagram crackdown is not going to work! The government is taking down thousands of posts and accounts every day, but it seems to be missing a fundamental point. Instagram is just a platform where people are raising their questions. The reasons behind those questions exist far beyond social media, and taking down accounts won't make them disappear. If anything, this censorship risks creating even more distrust among the very people the government is supposed to answer to.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 28, 2026
उन्होंने कहा, ‘उन सवालों के पीछे की वजहें सोशल मीडिया से कहीं आगे हैं और अकाउंट हटाने से वे सारे सवाल या उनकी वजहें खत्म या गायब नहीं हो जाएंगी.’
लोगों पर सेंसरशिप लगाने से उनका भरोसा और कम हो सकता है- दीपके
इस दौरान उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि लोगों की अभिव्यक्ति पर सेंसरशिप लगाने से उनका भरोसा और कम हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘अगर कुछ होगा, तो ये सेंसरशिप उन लोगों के बीच और ज्यादा अविश्वास पैदा करने का जोखिम उठाएगा, जिनके सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है.’
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