Delhi News: संजय झील को फिर मिलेगा नया जीवन, दो चरणों में होगा पुनर्विकास, LG ने किया निरीक्षण
Delhi News In Hindi: उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने परियोजना स्थल का दौरा कर प्रगति की समीक्षा की और संबंधित विभागों को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए.

पूर्वी दिल्ली की प्रमुख प्राकृतिक धरोहरों में शामिल संजय झील को फिर से जीवंत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. 52 एकड़ में फैली इस कृत्रिम झील और इसके चारों ओर मौजूद 165 एकड़ संरक्षित वन क्षेत्र के व्यापक पुनर्विकास के लिए दो चरणों में काम किया जाएगा.
गुरुवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने परियोजना स्थल का दौरा कर प्रगति की समीक्षा की और संबंधित विभागों को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए.
जल संकट दूर करने पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने झील में पर्याप्त जल नहीं पहुंचने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए दिल्ली जल बोर्ड को अपनी पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि दल्लूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित पानी की नियमित आपूर्ति जल्द बहाल की जाए, ताकि झील का जल स्तर स्थिर बना रहे.
इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभिन्न स्थानों पर रुका हुआ पानी झील तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाए. भूजल रिचार्ज बढ़ाने, पैदल मार्गों को सुरक्षित बनाने और झील के पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी परियोजना का अहम हिस्सा होगा.
अगस्त 2026 तक पूरे होंगे पहले चरण के काम
कायाकल्प योजना का पहला चरण अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. इस दौरान झील तक जल पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी. साथ ही भूजल संभरण बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे, क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों की मरम्मत होगी और झील की तलहटी में उगी घास को हटाकर जलधारण क्षमता बेहतर बनाई जाएगी.
दूसरे चरण में होगा सौंदर्यीकरण और जल गुणवत्ता में सुधार
परियोजना का दूसरा चरण मई 2027 तक पूरा किया जाएगा. इसमें आसपास के जल स्रोतों को बड़े स्तर पर झील से जोड़ा जाएगा. साथ ही जलाशय की गुणवत्ता सुधारने, पानी के रासायनिक गुणों को बेहतर बनाने तथा झील के सौंदर्यीकरण के लिए एरेटर और फव्वारे लगाए जाएंगे.
हरित क्षेत्र का भी होगा विस्तार
सिर्फ झील ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरण को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके तहत संरक्षित वन क्षेत्र में स्थानीय प्रजातियों के 5,000 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे, जिससे हरित आवरण बढ़ेगा और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा.
बताते चलें कि, संजय झील पूर्व में कल्याणपुरी-त्रिलोकपुरी और पश्चिम में मयूर विहार फेज-2 की आवासीय कॉलोनियों के बीच स्थित है. प्रस्तावित कार्य पूरे होने के बाद यह क्षेत्र न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक समृद्ध होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित होगा.






















