'कोई भी राशि पीड़िता के दर्द को कम नहीं कर सकती', रेप के दोषी को कोर्ट ने दी उम्रकैद की सजा
Rohini Court Verdict: रोहिणी कोर्ट ने टिप्पणी की कि समाज में स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि पॉक्सो का उल्लंघन करने वाले को कृत्य के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा. अदालत ने दोषी को सख्त सजा दी.

Delhi News: दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने अपहरण और रेप के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने पॉक्सो कानून का उल्लंघन करने वालों को सख्त सजा की वकालत की. 2021 में अपहरण कर नाबालिग से रेप का मामला सामने आया था. एडिशनल सेशन जज सुशील बाला डागर की अदालत सुनवाई कर रही थी. अदालत ने 31 वर्षीय शख्स को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत रेप, अपहरण और धमकी का दोषी ठहराया.
फैसला सुनाते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि कोई भी राशि पीड़िता के दर्द को कम नहीं कर सकती है. अलबत्ता रेप पीड़िता का जीवन पटरी पर लाने के लिए प्रयास किया जा सकता है. अदालत ने रेप पीड़िता के पुनर्वास में मदद के लिए 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया. दिल्ली पुलिस की तरफ से वकील योगिता कौशिक दहिया पेश हुए. उन्होंने दलील दी कि दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है. उसने 26 जुलाई 2021 को खाने-पीने की चीजों का लालच देकर लड़की को अगवा किया था.
अपहरण और रेप मामले कोर्ट की सख्त टिप्पणी
वकील ने बताया कि दोषी ने नाबालिग से चाकू के बल पर दरिंदगी की. दिल्ली पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश की कोर्ट ने भी रेप मामले में शख्स को दोषी ठहराया था. रोहिणी कोर्ट ने टिप्पणी की कि समाज में स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि पॉक्सो का उल्लंघन करने वाले को कृत्य के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा. दोषी को यौन इच्छाओं की विकृत ललक थी.
'यौन शोषण से होने वाले घाव कभी नहीं भरते'
अदालत ने कहा कि बच्चों को यौन शोषण से बचाना समाज की जिम्मेदारी है. यौन शोषण से होने वाले मानसिक घाव कभी नहीं मिटते. मामले की गंभीरता, पीड़िता और दोषी की उम्र, दोषी के अपराध में शामिल होने और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास का फैसला सुनाया जाता है. इसके अलावा अपहरण और धमकी के के लिए सात-सात साल की कठोर कारावास की सजा भी साथ-साथ चलेगी.
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Source: IOCL





















