'ये बीजेपी की संगत का असर...', अपर्णा-प्रतीक यादव की तलाक की खबर पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
Pratik Yadav Divorce: प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक़ का ऐलान किया है. जिस पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने बीजेपी पर तंज कसा और इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से जल्द ही तलाक लेने का ऐलान किया है, जिससे प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस ने इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इसे संगत का असर बताया.
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने अपर्णा यादव और प्रतीक के तलाक को लेकर बीजेपी पर तंज कसा और कहा कि "भारतीय जनता पार्टी की संगत में बड़े-बड़े परिवार नष्ट हो गए. पहले भाजपा ने मुलायम सिंह यादव के परिवार में विग्रह करवाया. अब अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के परिवार में विग्रह करवाना चाहते हैं."
कांग्रेस पार्टी ने कसा बीजेपी पर तंज
सुरेंद्र राजपूत कहा कि "भारतीय जनता पार्टी में ज्यादातर लोगों के अपने परिवार होते नहीं है और दूसरे का परिवार वो रहने नहीं देते हैं. दूसरे के परिवार में अगर कहीं आग लगी हो तो वो पानी डालने की जगह पर पेट्रोल डालने का काम करते हैं. ये संगत का असर है कि कहीं न कहीं हंसता-खेलता परिवार तलाक की कगार पर पहुंच गया है. ये सभी लोगों को देखने का चाहिए कि खराब संगत का हश्र खराब होता है."
प्रतीक यादव ने अपर्णा को बताया स्वार्थी
दरअसल मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट अपर्णा यादव से तलाक़ लेने का ऐलान किया. उन्होंने अपनी पत्नी पर निशाना साधते हुए उन्हें स्वार्थी बताया और कहा कि मैं जल्द ही इस मतलबी औरत को तलाक़ लेने जा रहा हूं. उसकी वजह से मेरे परिवार के रिश्ते ख़राब हो गए वो बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है.
प्रतीक ने ये भी कहा कि उन्होंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी और उनकी बदकिस्मती है कि उनसे शादी हुई. प्रतीक यादव की पोस्ट ने सबको हैरान कर दिया है. हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं. बता दें कि अपर्णा यादव ने साल 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी और अब वो उत्तर प्रदेश महिला आयोग में उपाध्यक्ष पद पर हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























