दिल्ली: 7.72 लाख नए लाभार्थियों के बनेंगे राशन कार्ड, आवेदन प्रक्रिया जारी, ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी
Delhi News: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि राशन कार्ड का लाभ लेने वाले अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के बाद कुल 7,71,384 स्थान खाली हुए हैं, जो यहां के लोगों के लिए एक बड़ा अवसर बना है.

दिल्ली में राशन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 15 मई से ई-पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड के आवेदन शुरू हो चुके हैं, जिससे लोगों को अब आसानी से ऑनलाइन सुविधा मिल सकेगी. राशन दुकानों पर ई-बायोमेट्रिक और डिजिटल माप प्रणाली लागू की गई है, ताकि लाभार्थियों को सत्यापन के बाद ही पूरा और सही मात्रा में राशन मिल सके.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, ''सरकार ने दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स 2026 और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 को पूरी तरह लागू करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक जवाबदेह बनाया है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और जरूरतमंद लोगों तक सही लाभ पहुंच सकेगा.”
राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया- रेखा गुप्ता
उन्होंने आगे कहा, ''दिल्ली में नए राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को बेहद आसान और पारदर्शी बनाया गया है. आवेदन के लिए केवल आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पारिवारिक आय प्रमाण पत्र और परिवार के सदस्यों का विवरण देना होगा. सरकार अब आय सीमा को बढ़ाकर लगभग 2.5 लाख तक करने की तैयारी में है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे.''
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'सभी आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किए जाएंगे'
मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, ''सभी आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे, ताकि लोगों को सुविधा और पारदर्शिता दोनों मिल सके. साथ ही, शिकायतों के समाधान के लिए डीएम स्तर पर विशेष कमेटी बनाई गई है, जिससे किसी भी नागरिक को परेशानी न हो और हर आवेदन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके.”
13 वर्षों से लाखों गरीब राशन कार्ड के लिए काटते रहे चक्कर- CM
उन्होंने आगे कहा, ''दिल्ली में पिछले 13 वर्षों से लाखों गरीब और जरूरतमंद लोग नए राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहे, अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें राशन कार्ड नहीं मिल पाए. वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रधानमंत्री के 'अंत्योदय' के विजन पर चलते हुए राशन व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराया.
'144000 लोग आय सीमा से ऊपर होने के बावजूद ले रहे थे लाभ'
CM रेखा गुप्ता ने बताया कि इस ऑडिट में सामने आया कि लगभग 1,44,000 लोग आय सीमा से ऊपर होने के बावजूद राशन का लाभ ले रहे थे. वहीं 35,800 लोग ऐसे पाए गए जिन्होंने पिछले एक साल से राशन लिया ही नहीं था, यानी उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं थी, फिर भी उनके राशन कार्ड सक्रिय थे. इसके अलावा 29,580 मृत व्यक्तियों के नाम राशन सूची में मौजूद थे और 23,394 लाभार्थी डुप्लीकेट पाए गए, जो अलग-अलग जगहों से दो बार राशन ले रहे थे.
7.72 लाख नए लाभार्थियों के बनेंगे राशन कार्ड- रेखा गुप्ता
उन्होंने आगे कहा, ''इन सभी अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के बाद कुल 7,71,384 स्थान खाली हुए हैं. अब यही दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ा अवसर बना है, क्योंकि लगभग 7.72 लाख नए लाभार्थियों के राशन कार्ड बनाए जा सकेंगे. सरकार ने नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक सही लाभ पहुंच सके.''
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Source: IOCL

























