'प्रधान' के इस्तीफे के लिए युवाओं को क्या कीमत चुकानी पड़ी? कपिल सिब्बल कह दी बड़ी बात
Dharmendra Pradhan Resignation: कपिल सिब्बल ने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी लाठीचार्ज का शिकार हुए. उन्हें चोटें आईं. अनशन करना पड़ा. इसकी कीमत कौन चुकाता है?"

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बधाई दी लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश के बच्चों को इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी है. कपिल सिब्बल ने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी लाठीचार्ज का शिकार हुए. उन्हें चोटें आईं. आंखों में छर्रे लगे. 23 दिनों तक भूख हड़ताल की. इसकी कीमत कौन चुकाता है?"
दरअसल, कपिल सिब्बल यहां 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान बच्चों पर हुए लाठीचार्ज और बर्बरता की बात कर रहे हैं. सीजेपी का यह मार्च पूर्ण रूप से 'शांतिपूर्ण' किए जाने का ऐलान किया गया था, लेकिन मार्च की शुरुआत में ही जंतर मंतर से लेकर संसद के पूरे रास्ते पुलिस ने बच्चों पर लाठीचार्ज किया. आरोप है कि पुलिस ने इतनी बर्बरता से छात्रों को मारा कि किसी के सिर फूटे, किसी के हाथ-पैर पर गहरी चोटें आईं. छात्रों ने कई ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर भी किए, जिसमें पुलिस वाले बच्चों से मारपीट करते, उन्हें धमकाते, लाठीचार्ज करते और बुरी तरह से बर्ताव करते दिख रहे थे. यह भी दावा किया गया था कि सिविल ड्रेस में भी कुछ पुलिसवाले छात्रों के बीच घुसे थे और लाठियां मारी थीं.
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हाई कोर्ट ने भी पुलिस को पर जताई थी नाराजगी
पुलिस लाठीचार्ज के ये वीडियो सामने आने के बाद लोग हैरान रह गए कि एक शांतिपूर्ण मार्च में पुलिस को लाठीचार्ज करने की क्या जरूरत पड़ गई? ऐसा क्यों किया गया? इसके वकीलों खुद याचिका दायर कर हाई कोर्ट में सुनवाई की अपील की और हाई कोर्ट की बेंच ने पुलिसकर्मियों के इस लाठीचार्ज पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए.
शरद पवार ने कहा- लोकतंत्र की बड़ी जीत
ववीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश में युवा शक्ति की एकजुटता और लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है. शरद पवार ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार 28 दिनों तक युवाओं द्वारा दिखाया गया संघर्ष और दृढ़ संकल्प वास्तव में सराहनीय है.
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