दिल्ली में पूर्व बस मार्शलों के रोजगार का मुद्दा फिर गरमाया, विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर धरना
Delhi News In Hindi: दिल्ली में पूर्व बस मार्शलों ने स्थायी नौकरी की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के आवास तक पैदल मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने वादा पूरा करने और बकाया वेतन देने की मांग की.

दिल्ली सिविल डिफेंस (DCD) के 10,792 पूर्व बस मार्शलों के रोजगार का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. स्थायी नौकरी की मांग को लेकर शनिवार (4 जुलाई) को पूर्व बस मार्शलों ने रोहिणी के जापानी पार्क से विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के निजी आवास विनोबा कुंज तक पैदल मार्च निकाला. इसके बाद उन्होंने वहां कई घंटे तक धरना देकर अपनी मांगों को दोहराया.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार बनने के 60 दिनों के भीतर स्थायी रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन 500 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ. इसी को लेकर बड़ी संख्या में पूर्व बस मार्शल सड़क पर उतरे.
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शनिवार सुबह करीब 9 बजे जापानी पार्क से पैदल मार्च शुरू हुआ. इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पूर्व बस मार्शल शामिल हुए. प्रदर्शनकारी पोस्टर और बैनर लेकर केएन काटजू मार्ग से होते हुए करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर विधानसभा अध्यक्ष के निजी आवास पहुंचे. वहां पहुंचने के बाद उन्होंने धरना शुरू किया और सरकार से जल्द स्थायी रोजगार देने की मांग उठाई.
ज्ञापन लेने पहुंचे निजी सहायक
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि धरने के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के निजी सहायक दो बार ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया कि वे पहले भी कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं और अब सीधे विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात चाहते हैं.
उनका आरोप है कि शाम करीब 4 बजे विजेंद्र गुप्ता अपने आवास से बाहर निकले, लेकिन प्रदर्शनकारियों से मिले बिना वहां से चले गए. धरना स्थल पर पूर्व बस मार्शलों के प्रतिनिधि मुकेश पाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर हर लोकतांत्रिक तरीका अपनाया, लेकिन अब तक किसी भी पूर्व बस मार्शल को स्थायी रोजगार नहीं मिला.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों के आवासों के बाहर आंदोलन किया जाएगा.
क्या हैं पूर्व बस मार्शलों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम तैयार ज्ञापन में मांग की है कि 31 अक्टूबर 2023 को सेवा से हटाए गए 10,792 बस मार्शलों को बिना किसी देरी के 'जहां थे, वहीं' के आधार पर स्थायी रोजगार दिया जाए. साथ ही सरकार द्वारा 60 दिनों में नौकरी देने के वादे को पूरा किया जाए और जिन बस मार्शलों का वेतन बकाया है, उसका जल्द भुगतान किया जाए.
पूर्व बस मार्शलों का कहना है कि वे 22 मई 2026 से राजघाट पावर हाउस पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं और अब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को पूरे दिल्ली में विस्तार देंगे. उन्होंने दावा किया कि शनिवार को निकाले गए पैदल मार्च और धरने के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने पूरा सहयोग किया.























