जहां बार-बार जमा होता है कूड़ा वहां की बनेगी लिस्ट, जानें MCD का प्लान
दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में सफाई व्यवस्था सुधारने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने, कूड़ा निस्तारण और लापरवाही पर कार्रवाई को लेकर अहम निर्देश दिए गए.

दिल्ली की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की स्थायी समिति ने 'दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान को लेकर विशेष बैठक की. बैठक में शहर के अलग-अलग वार्डों में सफाई कर्मचारियों और संसाधनों की कमी से लेकर ऑटो टिप्परों की उपलब्धता, ढलावघरों की सफाई, खाली प्लॉटों में जमा कूड़े और संकरी गलियों में सफाई जैसी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों को इन समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए.
स्थायी समिति अध्यक्षा सत्या शर्मा ने अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने संबंधित उपायुक्तों और सफाई अधीक्षकों की जिम्मेदारी तय करने के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा. उनका जोर इस बात पर रहा कि सफाई व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी उसका असर दिखाई दे.
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बार-बार कूड़ा जमा होने वाले स्थानों पर नजर
बैठक में दिल्ली के उन सभी स्थानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए, जहां बार-बार कूड़ा जमा होता है. इन ब्लैक स्पॉट्स पर सिर्फ कूड़ा हटाने के बजाय ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया, जिससे वहां दोबारा कचरा जमा न हो. इसके लिए नियमित निगरानी भी की जाएगी.
घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए. लोगों को जागरूक करने के लिए आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों, स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया.
C&D वेस्ट और ढलावघरों पर सख्ती
सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण एवं विध्वंस कचरा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए. वहीं, ढलावघरों की नियमित सफाई और वहां से कचरे के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया.
सफाई से जुड़ी जनता की शिकायतों को लंबित नहीं रखने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया.
स्थायी समिति ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय निवासियों, आरडब्ल्यूए, बाजार एसोसिएशनों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी जरूरी है.
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पार्षदों से अपने क्षेत्रों में अभियान की निगरानी करने को भी कहा गया है. बैठक में साफ किया गया कि अभियान का मकसद सिर्फ कूड़े के ढेर हटाना नहीं है. सफाई के बाद उसी जगह पर दोबारा कूड़ा जमा न हो, इसके लिए भी स्थायी इंतजाम और लगातार निगरानी जरूरी है.























