Delhi News: दिल्ली जू घूमना हुआ हाईटेक, ऐप से मिलेगा रूट मैप, टिकट और जानवरों की लोकेशन
Delhi News In Hindi: दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में लॉन्च हुए NZP Saathi ऐप से अब विजिटर्स को जानवरों की लोकेशन, रूट मैप, टिकट बुकिंग और दूसरी सुविधाओं की जानकारी मोबाइल पर मिलेगी.

दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान चिड़ियाघर घूमने आने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब जू में घूमना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है. जू प्रशासन ने NZP Saathi नाम का नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसका बीटा वर्जन फिलहाल ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है. इस ऐप की मदद से विजिटर्स को जानवरों की लोकेशन, रूट मैप, बैटरी ट्रॉली, खाने-पीने की जगह और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल जाएगी.
अक्सर लोग चिड़ियाघर पहुंचने के बाद यह समझ नहीं पाते कि घूमना कहां से शुरू करें और कौन सा जानवर किस दिशा में है. कई बार लोग पूरे जू में घूमने के बाद भी कुछ खास जानवर नहीं देख पाते. इसके अलावा पानी, बैठने की जगह या फूड पॉइंट ढूंढने में भी परेशानी होती है.
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इसी समस्या को दूर करने के लिए जू प्रशासन ने यह नया ऐप तैयार किया है. अधिकारियों का कहना है कि इससे विजिटर्स का समय बचेगा और उनका घूमने का अनुभव भी पहले से बेहतर होगा.
गेट पर पहुंचते ही खुल जाएगा पूरा डिजिटल मैप
जू प्रशासन के मुताबिक जैसे ही कोई विजिटर चिड़ियाघर के एंट्री गेट पर पहुंचेगा, उसके मोबाइल पर पूरा डिजिटल रूट मैप दिखाई देगा. इसमें यह साफ दिखेगा कि कौन सा जानवर किस हिस्से में है और वहां तक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता कौन सा है.
इसके अलावा ऐप में बैटरी रिक्शा, ट्रॉली सेवा, वॉटर पॉइंट, टॉयलेट और खाने-पीने की जगहों की जानकारी भी मिलेगी. सबसे खास बात यह है कि विजिटर्स ऑनलाइन टिकट भी इसी ऐप के जरिए बुक कर सकेंगे.
बिना इंटरनेट के भी करेगा काम
चिड़ियाघर के कई हिस्सों में नेटवर्क की समस्या रहती है. ऐसे में लोगों को ऑनलाइन मैप इस्तेमाल करने में दिक्कत आती है. इसी को ध्यान में रखते हुए NZP Saathi ऐप को ऑफलाइन मोड में भी तैयार किया गया है.
GPS आधारित यह सिस्टम एक बार डाउनलोड होने के बाद बिना इंटरनेट के भी काम करेगा. यानी नेटवर्क न होने पर भी विजिटर्स को दिशा और जरूरी जानकारी मिलती रहेगी.
समय के हिसाब से मिलेगा घूमने का विकल्प
जू प्रशासन ऐप के फाइनल वर्जन में अलग-अलग तरह के रूट भी जोड़ने जा रहा है. जिन लोगों के पास कम समय होगा, उनके लिए 1 से 2 घंटे का एक्सप्रेस रूट तैयार किया जाएगा. वहीं परिवार के साथ घूमने आने वालों के लिए 3 से 4 घंटे का फैमिली रूट मिलेगा. इसके अलावा ऐसे लोगों के लिए एक्सप्लोरर रूट भी होगा, जो खास जानवरों या पक्षियों को ज्यादा करीब से देखना चाहते हैं.
पसंद के जानवरों के हिसाब से बनेगा रूट
इस ऐप की एक और खासियत यह होगी कि यह विजिटर्स की पसंद के हिसाब से रूट सुझाएगा. अगर कोई शेर, बाघ, हाथी या सिर्फ पक्षियों को देखना चाहता है, तो ऐप उसी के हिसाब से सबसे आसान और छोटा रास्ता बताएगा. इससे लोगों को पूरा जू बिना भटके घूमने में मदद मिलेगी और समय की भी बचत होगी.
फाइनल वर्जन में जानवरों की आवाज में मिलेगी जानकारी
जू प्रशासन के अनुसार ऐप के अंतिम वर्जन में एक खास ऑडियो फीचर भी जोड़ा जाएगा. इसके जरिए विजिटर्स जानवरों से जुड़ी रोचक जानकारी सुन सकेंगे. यानी लोग सिर्फ जानवरों को देखेंगे ही नहीं, बल्कि उनके बारे में दिलचस्प बातें भी जान पाएंगे. जू प्रशासन का मानना है कि यह नया ऐप खासकर बच्चों और परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगा.























