DU में यौन उत्पीड़न का आरोप, छात्रा का वीडियो वायरल, ABVP ने की निष्पक्ष जांच की मांग
Delhi University News: दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रा ने प्रोफेसर व HOD पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे कैंपस में हड़कंप मच गया है. ABVP ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से जुड़ा एक सनसनीखेज वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. विश्वविद्यालय की एक छात्रा द्वारा साझा किए गए इस वीडियो ने पूरे कैंपस में हड़कंप मचा दिया है. छात्रा ने वीडियो में अपने डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और एचओडी पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, साथ ही प्रशासन पर दबाव बनाने और अन्याय का भी जिक्र किया है. इस मामले ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की है. संगठन का कहना है कि बिना पक्षपात के सच्चाई सामने आना न केवल पीड़ित के लिए, बल्कि विश्वविद्यालय की साख के लिए भी अत्यंत आवश्यक है.
अभाविप ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में सामने आए इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता. परिषद का मानना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए तथ्यों की गहन और विधिसम्मत जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति से बचा जा सके.
लगातार प्रकरणों से DU की छवि पर सवाल
अभाविप ने जोर देते हुए कहा कि बीते कुछ समय में इस तरह के मामलों के सामने आने से दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है. बार-बार ऐसे प्रकरण सामने आने से न केवल संस्थान की छवि धूमिल होती है, बल्कि छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के मन में भी असुरक्षा और अविश्वास की भावना पनपती है.
संगठन का दो टूक कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकार किसी भी सूरत में समझौते का विषय नहीं हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और संस्थागत जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करनी चाहिए.
प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा का वक्तव्य
इस गंभीर मामले पर अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “अभाविप दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी के सम्मान, सुरक्षा और हितों के लिए प्रतिबद्ध है. हम विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हैं कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और विद्यार्थियों व अभिभावकों का भरोसा बना रहे. हमारा विश्वास है कि ऐसी जांच से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा और परिसर में सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित होगा.”
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्र हित, न्याय, संविधान के मूल्यों और संस्थान की गरिमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मामले में बिना किसी पक्षपात के विधिसम्मत समाधान की मांग करती है. यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और छात्र संगठनों की नजरें अब विश्वविद्यालय प्रशासन की त्वरित और पारदर्शी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं.
Source: IOCL
























