सरकारी शिक्षकों की फुल-टाइम BLO ड्यूटी, छात्रों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर? 7 अक्टूबर तक चुनावी काम प्राथमिकता
Delhi News In Hindi: दिल्ली में SIR-2026 के लिए सरकारी शिक्षकों को फुल-टाइम BLO ड्यूटी सौंपी गई है. 7 अक्टूबर तक चुनावी काम प्राथमिकता है ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है.

दिल्ली में Special Intensive Revision (SIR-2026) के तहत सरकारी शिक्षकों समेत कई कर्मचारियों को फुल-टाइम BLO ड्यूटी सौंपी गई है. विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र के ERO के आदेश के मुताबिक 29 जून 2026 से 7 अक्टूबर 2026 तक या काम पूरा होने तक ये कर्मचारी पूर्णकालिक चुनावी ड्यूटी पर रहेंगे.
आदेश में साफ कहा गया है कि BLO और BLO Supervisor की ड्यूटी रोज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक होगी. इस दौरान उन्हें कोई अन्य सरकारी काम नहीं सौंपा जाएगा. सभी विभागाध्यक्षों और स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि इन कर्मचारियों को नियमित जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जाए.
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छात्रों की पढ़ाई पर उठा सवाल
बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षक चुनावी ड्यूटी पर लगाए जाने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इस लंबे समय (3 महीने से अधिक) में छात्रों की क्लासेस कौन लेगा और पढ़ाई का नुकसान कैसे पूरा किया जाएगा, इस पर अभी कोई स्पष्ट वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बताई गई है.
क्या-क्या काम करेंगे BLO
BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करना, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट वोटरों की पहचान व दावे-आपत्तियों का निपटारा करना होगा. BLO Supervisors को अपने अधीन BLO के काम की निगरानी और प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी.
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
आदेश में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 का हवाला देते हुए कहा गया है कि चुनावी कर्तव्यों में लापरवाही करने पर 3 महीने से 2 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है. SIR-2026 के दौरान किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा.
शिक्षकों और अभिभावकों में चिंता
शिक्षक संगठनों और अभिभावकों ने चिंता जताई है कि लंबे समय तक शिक्षकों की अनुपस्थिति से छात्रों की पढ़ाई बाधित होगी, खासकर परीक्षा वाले छात्रों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. कई स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी है. यह मुद्दा दिल्ली सरकार और चुनाव आयोग दोनों के लिए चुनौती बन गया है. अब देखना होगा कि SIR अभियान के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को कैसे संतुलित किया जाता है.























