दिल्ली के शालीमार बाग में महिला की दिनदहाड़े हत्या का खुलासा भगोड़े अपराधी समेत 3 गिरफ्तार
Delhi News: शालीमार बाग इलाके में पुलिस ने महिला की हत्या के मामले का खुलासा किया है. हत्या के दिन पुलिस को पीसीआर कॉल मिली कि एक महिला को गोली मार दी गई है. जिसमें पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए है.

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में पुलिस ने दिन दहाड़े महिला की हत्या के मामले का खुलासा किया है. जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में एक पहले से भगोड़ा घोषित अपराधी शामिल है, जिसके नाम पर 20 हजार रुपये का इनाम है .
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और एक कार को भी बरामद किया है. यह मामला 10 जनवरी 2026 का है, जब शालीमार बाग के बीसी ब्लॉक स्थित पार्क के पास सुबह करीब 11 बजे एक महिला को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. मृतका की पहचान रचना यादव के रूप में हुई थी, जिनके पति बिजेंद्र यादव की पहले ही हत्या हो चुकी थी.
महिला की हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला हुआ दर्ज
घटना के दिन पुलिस को पीसीआर कॉल मिली कि गेट नंबर-4, बीसी ब्लॉक के पास एक महिला को गोली मार दी गई है. जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और देखा कि महिला का शव पार्क में औंधे मुंह पड़ा हुआ है और सिर में गोली भी लगी हुई थी. वहीं महिला के पास में एक खाली कारतूस के टुकड़े भी मिले थे. बाद में मृतका की पहचान रचना यादव के रूप में हुई. मौके पर क्राइम टीम और एफएसएल को बुलाकर जांच की गई और साक्ष्य जुटाए गए. इसके बाद थाना शालीमार बाग में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामले को दर्ज किया गया.
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया कि रचना यादव के पति बिजेंद्र यादव की पहले हत्या हो चुकी थी और उस मामले में भरत यादव मुख्य आरोपी था. भरत यादव उस केस में फरार था और उसे अदालत ने भगोड़ा घोषित कर रखा था. वहीं उस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है. पुलिस जांच में यह भी पता चला कि रचना यादव अपने पति की हत्या के केस में अहम गवाह थीं और केस की लगातार पैरवी कर रही थीं. इसी बात से डरकर भरत यादव ने रचना यादव की हत्या की साजिश रची.
250 गज के प्लॉट को लकेर चल रहा था विवाद
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बिजेंद्र यादव और भरत यादव के बीच स्वरूप नगर-बुराड़ी रोड पर स्थित करीब 250 गज के एक प्लॉट को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी थीं. सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को दो युवक बाइक पर आते-जाते दिखे और टेक्निकल जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए एक आरोपी की पहचान निखिल के रूप में हुई है.
पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और बिहार में लगातार दबिश दी थी. जिसके बाद पुलिस टीम ने बिहार के कटिहार जिले के जंगल इलाके में बनी एक झोपड़ी से निखिल और भरत यादव को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद तीसरे आरोपी सुमित को उसके गांव से गिरफ्तार किया गया. दिल्ली पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि भरत यादव ने निखिल से संपर्क कर रचना यादव की हत्या की सुपारी दी थी.
हत्या के बाद ठिकाने बदल रहे थे अपराधी
इसके बाद निखिल ने अपने दोस्त सुमित को इस घटना में साथ मिलाया, जिसमें सुमित बाइक चला रहा था और गोली निखिल ने मारी. हत्या के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे और पुलिस से बचने के लिए Zangi App के जरिए बात करते थे. वे बार-बार अपना मोबाइल नंबर बदल रहे थे, जिससे पुलिस की तकनीकी निगरानी मुश्किल हो रही थी.
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक जो सुभाष प्लेस से चोरी की गई थी, उसको भी बरामद कर लिया है. वहीं पुलिस अब इस मामले में और भी कड़ियां जोड़ने में जुटी है. यह भी जांच की जा रही है कि इस साजिश में कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था.
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Source: IOCL


























