दिल्ली-गुरुग्राम का सफर होगा और आसान, यशोभूमि से राजीव चौक तक नए मेट्रो कॉरिडोर की तैयारी तेज
Delhi Metro News: दिल्ली और गुरुग्राम के बीच नए मेट्रो कॉरिडोर की तैयारी तेज हो गई है. DMRC ने यशोभूमि से राजीव चौक तक की DPR केंद्र सरकार को भेज दी है.

दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए आने वाले समय में राहत मिल सकती है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यशोभूमि से गुरुग्राम के राजीव चौक तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार के शहरी आवासन मंत्रालय को भेज दी है. अगर इस परियोजना को मंजूरी मिल जाती है तो दिल्ली-एनसीआर की मेट्रो कनेक्टिविटी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी.
केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार
डीएमआरसी की ओर से तैयार की गई डीपीआर अब केंद्र सरकार के शहरी आवासन मंत्रालय के पास है. मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी. अधिकारियों का मानना है कि यह कॉरिडोर दिल्ली और गुरुग्राम के बीच बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएगा.
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अगर यह परियोजना मंजूर होती है तो दिल्ली और गुरुग्राम के बीच मेट्रो का यह तीसरा प्रमुख कॉरिडोर होगा. फिलहाल दोनों शहरों के बीच एक मेट्रो रूट पर नियमित सेवा चल रही है, जबकि दूसरे कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है. पहले चरण में मिलेनियम सिटी से सेक्टर-9 तक का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है. नया कॉरिडोर बनने के बाद यात्रियों के पास सफर के लिए एक और बेहतर विकल्प होगा.
सेक्टर-21 और इफको चौक की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
मेट्रो विस्तार के दूसरे चरण में गुरुग्राम के सेक्टर-21 से इफको चौक तक नेटवर्क विकसित किया जाएगा. इसके लिए दिल्ली के द्वारका से सेक्टर-21 तक मेट्रो विस्तार को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. इस विस्तार से गुरुग्राम के प्रमुख कारोबारी इलाकों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी. रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा.
गुरुग्राम का राजीव चौक शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में गिना जाता है. यहां हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे अक्सर लंबा जाम देखने को मिलता है. नए मेट्रो कॉरिडोर के शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क की बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे. इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का समय भी बचेगा.
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रोजाना डेढ़ लाख तक यात्रियों के सफर का अनुमान
डीएमआरसी के शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस नए मेट्रो रूट पर हर दिन करीब 1.25 लाख से 1.50 लाख यात्रियों के सफर करने की संभावना है. इस परियोजना की पहल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय शहरी आवासन मंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सुझाव पर की थी.
अब सबकी नजर केंद्र सरकार की मंजूरी पर टिकी है. यदि परियोजना को जल्द स्वीकृति मिलती है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का एक नया विकल्प मिलेगा.























