दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र चढ़ा हंगामे की भेंट, कांग्रेस ने बीजेपी और आप पर लगाया नूरा-कुश्ती का आरोप
Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे में बीता है. कांग्रेस ने BJP-AAP पर मिलीभगत का आरोप लगाया. उन्होंने सीएजी रिपोर्ट, प्रदूषण, दूषित पानी और चुनावी वादों की अनदेखी का आरोप लगाया.

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के बजाय हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप में उलझ कर रह गया. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने बीजेपी और आप पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों की आपसी नूरा-कुश्ती ने दिल्ली के विकास और जनता के पैसों को नुकसान पहुंचाया है.
देवेन्द्र यादव ने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन भी कार्यवाही की शुरुआत हंगामे से हुई. बीजेपी और आप विधानसभा सदन, दिल्ली नगर निगम और सड़कों पर एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन करती रहीं. इस राजनीतिक टकराव में दिल्ली की जनता की खून-पसीने की कमाई बर्बाद हो गई. उन्होंने मांग की कि पांच दिन के सत्र में खर्च हुए पैसे की वसूली मुख्यमंत्री से की जाए.
विधानसभा सत्र से गायब हुआ एजेंडा
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि शायद यह विधानसभा का पहला ऐसा सत्र रहा, जिसमें प्रस्तावित एजेंडा और शासन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर न तो चर्चा हुई और न ही कोई ठोस फैसला लिया गया. पूरे सत्र में बीजेपी सरकार द्वारा एक भी सीएजी रिपोर्ट पेश न करना गंभीर सवाल खड़े करता है. यह स्थिति बीजेपी और आप की मिलीभगत की ओर इशारा करती है.
सीएजी रिपोर्ट न लाना, साजिश का आरोप
देवेन्द्र यादव ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट टेबल न करके कहीं बीजेपी सरकार केजरीवाल और उनकी टीम को बचाने की साजिश तो नहीं कर रही. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 महीनों में केजरीवाल टीम के खिलाफ भ्रष्टाचार के किसी भी आरोप पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे सरकार की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
प्रदूषण पर सरकार ने साधी चुप्पी
उन्होंने कहा कि पांच दिन के सत्र में प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर चर्चा न होना दिल्ली के प्रति बीजेपी की नीयत को उजागर करता है. पिछले 12 वर्षों में आप और बीजेपी की नाकामी के कारण दिल्ली जहरीली हवा झेलने को मजबूर है. सत्र के पहले दिन से प्रदूषण पर चर्चा की बात तो की गई, लेकिन सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए इससे बचती रही.
खोखली घोषणाओं से जहरीली हुई दिल्ली की हवा
देवेन्द्र यादव ने कहा कि आप के पूरे कार्यकाल में प्रदूषण, परिवहन व्यवस्था और सड़क निर्माण पर सिर्फ घोषणाएं हुईं. जमीनी स्तर पर काम न होने के कारण आज दिल्ली की हवा और अधिक जहरीली हो चुकी है. इसका खामियाजा राजधानी के लोगों को अपने स्वास्थ्य से चुकाना पड़ रहा है.
दूषित पानी पर सरकार असंवेदनशील
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक द्वारा दूषित पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाने के बावजूद सरकार का रवैया असंवेदनशील रहा. यह दिल्लीवालों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है. पाइपलाइनों के जरिए घरों तक सीवर मिला काला और जहरीला पानी पहुंच रहा है, जिसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली जल बोर्ड की है.
दूषित जल से बीमारियां, खतरे की घंटी
देवेन्द्र यादव ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड ने अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच द्वारका और नांगलोई जैसे इलाकों में दूषित पानी की पुष्टि की थी. इस पानी से पेट के संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियां फैल रही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो दिल्ली को भी इंदौर जैसी त्रासदी का सामना करना पड़ सकता है.
चुनावी वादे जुमला साबित
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा किए गए वादे अब जुमले साबित हो रहे हैं. शीतकालीन सत्र में महिलाओं को 2500 रुपये मासिक देने पर कोई चर्चा न होना दिल्ली की आधी आबादी के साथ धोखा है. देवेन्द्र यादव ने कहा कि 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर और होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर देने के वादे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता चुप हैं. वहीं, 1 जनवरी से पिंक कार्ड देने की घोषणा के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्य योजना का तैयार न होना बीजेपी सरकार की प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है.
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