दिल्ली विधानसभा में हंगामा, आतिशी के वीडियो पर बवाल, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया
Delhi: दिल्ली विधानसभा में आतिशी के गुरु तेग बहादुर संबंधी कथित वीडियो को लेकर भारी हंगामा जारी है. विपक्ष ने वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, जिसके बाद अध्यक्ष ने फोरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं.

दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही बीते दो दिनों से लगातार हंगामे की भेंट चढ़ी हुई है. सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन में कैग रिपोर्ट समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है. जबकि विधानसभा की प्रत्येक बैठक पर रोज़ाना लाखों रुपये का खर्च होता है, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश की “महापंचायत” में गंभीर चर्चा हो सके. लेकिन लगातार शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप के चलते यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है.
पूरा विवाद नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बयान से जुड़ा है और उसी बयान के वीडियो को लेकर ये पूरा विवाद खड़ा हुआ है, जिसमें सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर सवाल उठाए गए हैं. आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है. इस संबंध में आप विधायकों ने लिखित शिकायत विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को सौंपी, जिसके बाद अध्यक्ष ने वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने का आदेश दिया.
विधानसभा अध्यक्ष ने दिए फॉरेंसिक जांच के निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़ी वीडियो क्लिप को स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब, दिल्ली भेजा गया है. फॉरेंसिक रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं. अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की ओर से वीडियो में टैंपरिंग का आरोप लगाया गया था, इसी कारण सत्ता पक्ष की सहमति से जांच का फैसला लिया गया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
नेता प्रतिपक्ष की छवि खराब करने की कोशिश- आप
आप विधायक संजीव झा ने कहा कि जब वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, तो सरकार के मंत्री और विधायक उसे सोशल मीडिया पर शेयर क्यों कर रहे हैं. उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक वीडियो को तुरंत हटाया जाए. संजीव झा ने आरोप लगाया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसके जरिए नेता प्रतिपक्ष की छवि खराब करने की कोशिश की गई है.
रिपोर्ट आने पर होगा दूध का दूध, पानी का पानी- बीजेपी
वहीं, बीजेपी विधायक अजय महावर ने कहा कि वीडियो जांच के लिए भेजा गया है और 15 दिनों में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर वीडियो फर्जी है तो डरने की क्या ज़रूरत है. रिपोर्ट आने के बाद सच अपने आप सामने आ जाएगा.
इस पूरे विवाद पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि आतिशी को सदन में आकर अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि अगर गलती हो गई थी तो माफी मांगने से मामला खत्म हो सकता था, लेकिन सदन से दूर रहना और वीडियो को झूठा बताना गलत है. मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह रवैया आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की राजनीति को दर्शाता है.
'विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए मामला'
आशीष सूद ने यह भी मांग की कि इस मामले को सदन की अवमानना के रूप में विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि वीडियो लाइव फीड का हिस्सा था और मीडिया ने भी उसे देखा है, ऐसे में उसे झूठा बताना जनता और सदन दोनों का अपमान है.
सदन की अवधि एक दिन बढ़ी, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, स्पीकर ने मंत्री के निवेदन पर सदन की अवधि एक दिन के लिए बढ़ा दी है और इस डेडलॉक को तोड़ने के लिए वीडियो की फॉरेंसिक जांच और मामला विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया है. उम्मीद की जा रही है कि रिपोर्ट आने के बाद गतिरोध खत्म होगा और उम्मीद है कि अब आगे सदन में प्रदूषण, विकास और जनहित के अन्य मुद्दों पर चर्चा का रास्ता साफ हो सकेगा.
Source: IOCL






















