'सारे डकैत एक ही पार्टी से जुड़े, इसलिए सारा तंत्र महापापियों को बचाने में लगा', अरविंद केजरीवाल
Arvind Kejriwal News: अरविंद केजरीवाल का कहना है कि पीएम मोदी खुद को राम भक्त बताते हैं. अगर उनकी आस्था सच्ची है तो सच सामने लाएं और दोषियों को बचाए नहीं.

भगवान श्रीराम के मंदिर में डकैती करने वाले महापापियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी ने रविवार को सुंदरकांड पाठ और हनुमान आरती के साथ देशव्यापी सिग्नेचर कैंपेन की शुरूआत की. दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-10 स्थित जापानी पार्क में आयोजित सुंदरकांड को सुनने के लिए बड़ी तादात में रामभक्त जुटे और सबने राम मंदिर में डकैती करने वाले महा पापियों को फांसी की सजा दिलाने की शपथ ली. इस दौरान रामभक्तों की तरफ से प्रधानमंत्री को भेजी जाने वाली चिट्ठी पर पहले ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और फिर रामभक्तों ने सिग्नेचर किया. अरविंद केजरीवाल ने रामभक्तों से अपील की कि वे अपने मोहल्ले में हनुमान चालिसा और आरती कराकर चिट्ठी पर सिग्नेचर कराएं. अब हर राम भक्त को इन महापापियों को फांसी दिलाने तक चैन से नहीं बैठना है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रविवार को दिल्ली में पवित्र सुंदरकांड का पाठ किया और हनुमान जी महाराज से प्रार्थना की कि जिन पापियों ने राम मंदिर में डाका डाला और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया, उन्हें कठोर से कठोर सज़ा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा महापाप दोबारा करने का साहस न कर सके. भीम रूप धरि असुर संहारे. रामचंद्र के काज संवारे॥ उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि आप स्वयं को प्रभु श्रीराम का भक्त बताते हैं. अगर आपकी आस्था सच्ची है, तो सच सामने लाइए. दोषियों को बचाइए मत, उन्हें सज़ा दिलाइए. इसी संकल्प के साथ आज पूरे देश में हमारा हस्ताक्षर अभियान शुरू हो रहा है. उम्मीद है कि सत्य सामने आएगा, जवाबदेही तय होगी और न्याय मिलेगा.
रोहिणी सेक्टर-10 के जापानी पार्क में आयोजित सुंदरकांड और हनुमान आरती कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों और महीनों से देश-दुनिया भर के सभी राम भक्त इस बात से बेहद आहत हैं कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में भारी चोरी, डकैती और जमीनों के अंदर घोटाले हुए हैं. लाखों-करोड़ों भक्तों ने भगवान के नाम पर जो पैसे दिए थे, उनसे सस्ती जमीन महंगी खरीदकर पैसों की चोरी कर ली गई और मंदिर निर्माण के दौरान 40 फीसद की भारी कमीशनखोरी के आरोप लग रहे हैं. मंदिर में आने वाले चढ़ावे में से 40 दिन के भीतर सीसीटीवी में 70 बार चोरी की घटनाएं पकड़ी गईं और इन्होंने चोरों को बचाने के लिए 8 महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी डिलीट कर दी.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों को यह उम्मीद थी कि जिस प्रधानमंत्री ने खुद आगे बढ़कर यह ट्रस्ट बनाया और इसमें अपने चुन-चुनकर खास लोगों को नियुक्त किया, वे किसी भी चोर या डकैत को छोड़ेंगे नहीं और उन्हें कठोर से कठोर सजा दिलाएंगे. लेकिन पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम ने लोगों के भरोसे को बड़ा धक्का पहुंचाया है, क्योंकि जमीनों के घोटाले और कमीशनखोरी पर कोई जांच ही नहीं चल रही है. चढ़ावे की चोरी को लेकर भी मात्र लोगों की आंखों में धूल झोंकने और मामले को रफा-दफा करने के लिए एक फर्जी एसआईटी बना दी गई और एक फर्जी एफआईआर लिख दी गई है, जिसमें केवल छोटे कर्मचारियों को पकड़कर बड़े लोगों को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज आयोजित किए गए सुंदरकांड के पाठ में सभी राम भक्तों ने यह शपथ ली है कि जब तक इन चंदा चोरों और डकैतों को सरेआम फांसी की सजा नहीं दिला देंगे, तब तक वे चौन से नहीं बैठेंगे, क्योंकि भगवान के दरबार में डाका डालना महापाप है. जो लोग मंदिर में चोरी कर रहे थे, वे राम को भगवान नहीं मानते, बल्कि उन्हें सिर्फ राम के नाम पर वोट चाहिए और वे राम के नाम पर देश, जनता व सरकार को लूटते हैं. आज से शुरू किया जा रहा यह सिग्नेचर कैंपेन किसी एक पार्टी का प्रयास नहीं है, बल्कि इसमें हर दल और हर विचारधारा के राम भक्तों को शामिल होना है, ताकि जब लाखों-करोड़ों की संख्या में हस्ताक्षर की हुई यह चिट्ठियां प्रधानमंत्री जी के पास पहुंचें, तो भगवान के आशीर्वाद से दोषियों को सजा मिल सके.
राम भक्तों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम सभी लगातार मांग करते रहे और सोच रहे थे कि ऊपर बैठे लोग कुछ ना कुछ कार्रवाई जरूर करेंगे. लेकिन अब यह साफ हो गया है कि वे कुछ नहीं करेंगे क्योंकि उन्हीं की पार्टी, उन्हीं के संगठन और आसपास के जितने भी साथी व भाई संगठन हैं, वे सभी इसमें मिले हुए हैं. पूरा का पूरा ढांचा डकैतों, डाकुओं और चोरों को बचाने में लगा हुआ है. इस वजह से सारे राम भक्त बहुत पीड़ित हैं.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग चोरी कर रहे थे, वे राम को भगवान नहीं मानते. अगर वे राम को भगवान मानते, तो कभी चोरी करने की हिम्मत नहीं करते. उन्हें डर लगता कि भगवान के घर में चोरी करने पर भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे. वे राम को भगवान नहीं मानते. उन्हें केवल राम के नाम पर वोट चाहिए. वे राम के नाम पर देश, जनता और सरकार को लूटते हैं. लेकिन वे राम को भगवान नहीं मानते. सभी राम भक्त आज से यह शपथ लें कि हमें उन सब लोगों को फांसी चढ़वानी है जिन-जिन लोगों ने भगवान राम के यहां डकैती करने की हिम्मत की.
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने के बाद सभी को यह जिम्मेदारी लेनी है कि अपने-अपने इलाके, घर, पड़ोस, मंदिर या कोई हॉल बुक करके मोहल्ले और सोसाइटी के लोगों को आमंत्रित करें. वहां सब लोग मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ करें, हनुमान जी की आरती करें और उसके बाद सबको यह चिट्ठी पढ़कर सुनाएं. हर राम भक्त से इस चिट्ठी पर दस्तखत करवाने हैं. अगर घर पर 25-30 लोगों को बुला सकें या मंदिर व हॉल में 300-400 लोगों को इकट्ठा कर सकें, तो वहां हनुमान चालीसा का पाठ और आरती करके इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करवाएं.
रामभक्तों की तरफ से प्रधानमत्री को चिट्ठी
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
श्री राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया है. करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी छोटी-बड़ी बचत से श्री राम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया था. कई लोगों ने तो अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी दे दी थी और अधिकांश ने रसीद तक नहीं मांगी, क्योंकि सबने सोचा कि यह तो भगवान का घर है, यहां रसीद क्या मांगनी. आज उस विश्वास को भारी ठेस पहुंची है.
प्रधानमंत्री जी, श्री राम मंदिर से संबंधित हर कार्य आपने आगे बढ़-चढ़कर किया. आपने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाया और उसके हर सदस्य को व्यक्तिगत रूप से चुनकर नियुक्त किया. ट्रस्ट के ये सभी सदस्य आपके बेहद करीबी माने जाते हैं. अब जब इतने बड़े स्तर पर बेईमानी हो गई है, तो आपकी चुप्पी से मैं आहत हूं. 2021 के पहले से ही ट्रस्ट में जमीनों के घोटाले, निर्माण कार्यों में 40 फीसद की कमीशनखोरी और अब इतने बड़े पैमाने पर चढ़ावा चोरी की खबरें पिछले कई वर्षों से लगातार मीडिया में प्रमुखता से आती रही हैं.
मुझे लगता रहा कि यह सब मोदी जी के संज्ञान में होगा और वे किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेंगे. लेकिन पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम ने मेरे विश्वास को धक्का पहुंचाया है. ऐसा लग रहा है कि भगवान के दोषियों को सजा दिलाने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है. ऐसा लगता है कि एसआईटी और एफआईआर मात्र लोगों की आंखों में धूल झोंकने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश है. छोटे कर्मचारियों को पकड़ लिया गया है और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. प्रधानमंत्री जी, ऐसा मत कीजिए. भगवान राम के मंदिर से चोरी करने वाले दोषियों को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए. उन्हें बचाना महापाप है. मैं आपको यह पत्र बहुत उम्मीद से लिख रहा हूं.





















