अरविंद केजरीवाल का सीएम रेखा गुप्ता पर बड़ा हमला, 'दिल्ली सरकार कहां है? वो...'
दिल्ली में डीपीएस द्वारका की तरफ से कथित तौर पर फीस बढ़ाने और ये फीस नहीं भरने पर 32 छात्रों को निष्कासित करने के मुद्दे पर घमासान मचा है. अरविंद केजरीवाल ने रेखा गुप्ता सरकार पर वार किया है.

Delhi School Fee Hike: दिल्ली के स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी है. इस बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रेखा गुप्ता सरकार पर निशाना साधा है.
अरविंद केजरीवाल ने एक खबर शेर करते हुए लिखा, ''दिल्ली सरकार कहां है? वो इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? दिल्ली सरकार अभिभावकों और बच्चों के हितों की रक्षा क्यों नहीं कर रही है? अभिभावकों को अदालतों में क्यों जाना पड़ रहा है?''
Where is Delhi govt? Why is it not taking action against these schools? Why is Delhi govt not protecting the interests of parents and children? Why do the parents have to go to courts? pic.twitter.com/CoWcl6kxAw
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 15, 2025
इससे पहले बुधवार (14 मई) को अरविंद केजरीवाल ने डीपीएस द्वारका से छात्रों को निष्कासित किए जाने पर कहा था, ''AAP के समय में ऐसा कभी नहीं होने दिया गया...कोई भी स्कूल छात्रों को निकाल नहीं सकता था. AAP सरकार हमेशा छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा के लिए खड़ी रही.''
सौरभ भारद्वाज का निशाना
वहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, ''बीजेपी सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप है. डीपीएस द्वारका के अभिभावकों को फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा. याद रखें हमने आपको प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बीजेपी और उसके सीएम के साथ संबंधों के बारे में बताया था.''
याचिका में क्या है दावा?
खबर में दावा है कि दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) द्वारका के 32 छात्रों के माता-पिता ने हाई कोर्ट का रुख किया है, दावा है कि इन छात्रों को बढ़ी हुई फीस नहीं दिए जाने की वजह से स्कूल ने निष्कासित कर दिया गया.
अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में माता-पिता ने तर्क दिया कि स्कूल ने उनके बच्चों के नाम रोल से काट दिए, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट ने स्कूलों को शुल्क का भुगतान न करने पर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार या उन्हें परेशान करने से रोका था.
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Source: IOCL





















