दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में कुट्टू का आटा खाने से 300 लोग बीमार, मरीजों ने क्या कहा?
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में मंगलवार सुबह अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया. कुट्टू का आटा खाने के बाद करीब 300 लोग उल्टी और घबराहट की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे.

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में कुट्टू का आटा खाने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए. इसकी वजह से जहांगीरपुरी इलाके के बाबू जगजीवन राम अस्पातल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे. सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कई लोग बेचैनी, उल्टी, लूज मोशन और चक्कर की शिकायत कर रहे हैं.
अस्पताल में 150-200 मरीजों को एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. यह आंकड़ा लगातार बढ़ते हुए 300 के पार पहुंच गया. हालांकि बाद में सभी को छुट्टी दे दी गई. इस मामले में अब खाद्य विभाग को सूचना देकर आगे की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
डीसीपी ने क्या कहा?
डीसीपी भीष्मा सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर जहांगीरपुरी थाने को सूचना मिली कि बड़ी संख्या में लोग कुट्टू का आटा खाने के बाद बीमार हो गए हैं और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं. घटना की सूचना पर बीजेआरएम अस्पताल पहुंची पुलिस को पता चला कि जहांगीरपुरी, महेन्द्रा पार्क, समयपुर, भलस्वा डेयरी, लाल बाग और स्वरूप नगर जैसे इलाकों से लोग इमरजेंसी वार्ड में पहुंच रहे हैं.
बीजेआरएम अस्पताल के सीएमओ डॉ. विशेष यादव ने बताया कि अब तक लगभग 150–200 लोग इलाज के लिए अस्पताल आए थे. मरीजों को उल्टी और बेचैनी जैसी शिकायतें थीं. हालांकि, डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है. किसी को भी भर्ती करने की ज़रूरत नहीं पड़ी और न ही कोई गंभीर मामला सामने आया है. उन्होंने कहा कि यह सूचना केवल लोगों को जागरूक करने के लिए साझा की गई है.
मरीजों ने क्या कहा?
मरीजों का कहना है कि उन्होंने व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बनी पूरियां खाई था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है .
स्थानीय लोग यह मांग कर रहे हैं कि जिन दुकानदारों ने कुट्टू का आटा बचा है, उसकी जांच होनी चाहिए. इसी के साथ-साथ जिस गोदाम से आटा दुकानों में आया, वहां पर भी जांच करके यह पता लगाना चाहिए कि यह आटा पुराना था या फिर इस आटे में किसी तरीके की मिलावट है.
घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों और फेरीवालों को बीट स्टाफ और पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के जरिए जागरूक किया जा रहा है. साथ ही, खाद्य विभाग को भी पूरे मामले की जानकारी देकर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
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