VIDEO: 'हम लेके रहेंगे आरक्षण', बिहार चुनाव से पहले VIP ने जारी किया पार्टी थीम सॉन्ग, कहा- हमारे संघर्ष और आंदोलन....
Mukesh Sahani: मुकेश सहनी ने कहा कि विकासशील इंसान पार्टी की स्थापना गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए की गई थी. मैं अपनी आखिरी सांस तक इस लड़ाई को जारी रखूंगा.

VIP Campaign Song: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने रविवार को 'है हक हमारा आरक्षण' नाम का एक कैंपेन गीत लॉन्च किया. इस गीत का अनावरण पटना में एक विशेष कार्यक्रम में किया गया और यह सामाजिक न्याय, अधिकारों और आरक्षण के लिए चल रहे संघर्ष, खासकर निषाद समुदाय के विषयों पर केंद्रित है
थीम सॉन्ग के बारे में क्या बोले सहनी?
पार्टी के थीम सॉन्ग के बारे में सहनी ने कहा, "यह सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि हमारे संघर्ष का प्रतीक और हमारे आंदोलन का एक दृष्टिकोण है. 'विकासशील इंसान पार्टी' की स्थापना गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए की गई थी और मैं अपनी आखिरी सांस तक इस लड़ाई को जारी रखूंगा." इस कार्यक्रम में 'विकासशील इंसान पार्टी' को भी काफी बढ़ावा मिला, जब जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता एस.के. सैनी अपने समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए.
वीआईपी पार्टी का आरक्षण गीत ''है हक हमारा आरक्षण!''
— Mukesh Sahani (@sonofmallah) June 8, 2025
ये सिर्फ गीत नहीं, हमारे समाज की हुंकार है। हर उस आवाज़ की गूंज है जो बराबरी और अधिकार के लिए लड़ रही है।
आरक्षण हमारा हक है और हम लेकर… pic.twitter.com/1OEmq4zZMz
एस.के. सैनी का पार्टी में स्वागत करते हुए मुकेश सहनी ने सैनी को "पिछड़े समाज का कोहिनूर" बताया और कहा कि समाज सेवा में उनका अनुभव पार्टी के जमीनी आंदोलन को मजबूती देगा. सहनी ने कहा, "वीआईपी उनके जैसे व्यक्तियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने अपना जीवन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया है."
निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा, "मैंने मुंबई विधायक या मंत्री बनने के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए छोड़ा था. जाति जनगणना की लड़ाई हमारे पीछे रह गई है; अब हमें 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा की दीवार को गिराना होगा."
एनडीए गठबंधन को दी चेतावनी
उन्होंने सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को चेतावनी देते हुए कहा, "या तो हमें हमारा उचित आरक्षण दें या सीट खाली करें. निषाद समुदाय अब जाग चुका है। चुनाव नजदीक हैं- यह समय है जब लोहा गर्म हो, तब वार करने का."
बिहार में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव जारी है, 'वीआईपी' सबसे पिछड़े समुदायों, खासकर निषादों, मछुआरों और अन्य हाशिए पर पड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और अधिकारों पर जोर देकर अपनी जगह बना रही है. पार्टी के प्रचार गीत की शुरुआत, रणनीतिक सामाजिक गठबंधनों और एक ऊर्जावान जमीनी स्तर के अभियान के साथ, आगामी चुनावी लड़ाई में अपने प्रभाव को मजबूत करने के 'वीआईपी' के इरादे का संकेत देती है.
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Source: IOCL






















