बिहार के इस युवा वैज्ञानिक ने विदेश में लहराया भारत का परचम, कचरे से पेट्रोल बनाकर किया हैरान
विनीत बिहार के एकलौते ऐसे युवा वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने अपनी योग्यता और प्रतिभा का लोहा विश्व के कई देशों में मनवाया है. विनीत ने कचरे में फेंके गए प्लास्टिक से पेट्रोल बनाकर लोगों को अचंभित किया है.

औरंगाबाद: औरंगाबाद अनुमंडल के एक छोटे से कस्बे देवहरा के अति निर्धन परिवार से आने वाले धनेश प्रजापति और सुनीता देवी के बेटे विनीत ने औरंगाबाद का नाम देश में ही नहीं विदेश में भी रौशन किया है. बता दें कि विनीत को इंटरनेशनल युथ सोसाइटी ने भारत का यूथ एम्बेसडर बनाया है. कल तक जिस विनीत को अपनी पहचान के लिए मोहताज होना पड़ता था आज वह भारत का यूथ एम्बेसडर बन गया. विनीत के इस उपलब्धि पर जिले के लोग काफी खुश हैं.
कई कंपनी काम करने के लिए कर रहे आमंत्रित
बीते 29 अगस्त को इंटरनेशनल यूथ सोसायटी ने अपने फेसबुक के ऑफिशियल पेज के माध्यम से यह जानकारी साझा किया है. जिले के विनीत बिहार एक एकलौते ऐसे युवा वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने अपनी योग्यता और प्रतिभा का लोहा विश्व के कई देशों में मनवाया है. विनीत ने कचरे में फेंके गए प्लास्टिक से पेट्रोल बनाकर लोगों को अचंभित किया है. इस उपलब्धि के लिए उन्हें कई कम्पनियों ने अपने साथ जुड़कर कार्य करने को आमंत्रित भी किया जा चुका है.
विनीत ने बताई अपनी कहानी
इस संबंध में विनीत ने बताया कि दो वर्ष पहले बंगलादेश में युवा वैज्ञानिकों के संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए एक ग्लोबल इवेंट कराया गया था और इस इवेंट के सब्जेक्ट को जब मैंने देखा तो मैंने उसके आयोजक पेरिस की संस्था इंटरनेशनल यूथ सोसाइटी के फ्रांस स्थित कार्यालय से संपर्क साधा और अपनी ओर से किए गए कार्यों की उन्हें जानकारी दी.
फ्रांस में है अगला इवेंट
विनीत ने बताया कि संस्था की ओर से उसके अविष्कृत कार्यों का अवलोकन करने के बाद दो महीने पहले उनका ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया और उन्हें चयनित कर भारत में सोसाइटी का यूथ एम्बेसडर बनाया गया. संस्था का अगला इवेंट फ्रांस में है, जिसकी तैयारी में विनीत जूटे हुए हैं. बता दें कि औरंगाबाद के केंद्रीय विद्यालय से अध्ययन करने वाले विनीत ने इसी साल शहर के सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज से इंटर की परीक्षा विज्ञान से पास की है. इतनी कम उम्र में ही बिनीत ने प्लास्टिक कचरे से कोरोना प्रोटेक्टिव अम्ब्रेला, रिस्ट बैंड सेनेटाइजर और फूल ऑटोमेटिक सेनिटाइजर टनल का निर्माण किया है.
प्लास्टिक कचरे से बनाया पेट्रोल
उसने बताया कि जब उन्होंने प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल बनाया तो इंडियन इनोवेशन एसोसिएशन हैदराबाद के संपर्क में आया और उसके अविष्कार को रसिया, पोलैंड, जिम्बावे, पुर्तगाल और दक्षिण अफ्रीका में पसंद किया गया. विनीत बिहार के एकलौता ऐसा युवा वैज्ञानिक है जिसे इंटरनेशनल यूथ सोसायटी ने अपना एम्बेसडर बनाया है.यह संस्था पूरी दुनिया में युवाओं के लिए कार्य करती है और विश्व के कई देशों में इसकी शाखाएं हैं.
फ्रांस में होने वाले इवेंट पर है नजर
विनीत की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें बाल वैज्ञानिक रिसर्च आर्गेनाईजेशन का डिस्ट्रिक्ट डायरेक्टर भी बनाया गया है. विनीत की निगाह फ्रांस में आयोजित होने वाले ग्लोबल इवेंट पर है और उनकी कोशिश है कि इस इवेंट में वे अपना बेहतर प्रदर्शन करें ताकि विश्व मे भारत का नाम अगले पंक्ति में हो.
Source: IOCL

























