20 साल से घरों में बन रहे थे पटाखे? सिवान में 5 लोगों की मौत के बाद प्रशासन पर उठे सवाल
सिवान में पटाखा बनाने के दौरान भीषण विस्फोट में 5 लोगों की मौत हो गई. मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है. हादसे के बाद पटाखा निर्माण के लाइसेंस, सुरक्षा और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे.

बिहार के सिवान जिले के आलमापुर में पटाखा बनाने के दौरान एक मकान में आग लगने के बाद भीषण विस्फोट हो गया. इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की खबर है. धमाका इतना तेज था कि मकान का अगला हिस्सा ढह गया और मलबा सड़क पर जा गिरा. आशंका है कि मलबे में कुछ और लोग दबे हो सकते हैं. मौके पर राहत और बचाव दल मौजूद है. पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटना की जांच कर रही हैं.
आलमापुर में हुए इस धमाके की तस्वीरें सामने आई हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विस्फोट के कारण एक मंजिला मकान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. मकान का मलबा सड़क पर बिखरा पड़ा है. धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग भी दहशत में आ गए.
बिहार के किसान ध्यान दें! फसल क्षति का मिलेगा अनुदान, ऐसे करें आवेदन
बताया जा रहा है कि जिस मकान में विस्फोट हुआ, वहां पटाखे बनाने का काम चल रहा था. इसी दौरान आग लग गई, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव कार्य जारी है.
आसपास के घरों और खेत में पटाखे-बारूद मिलने का दावा
घटना के बाद इलाके में जांच तेज कर दी गई है. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि जांच के दौरान आसपास के अलग-अलग घरों से बड़ी संख्या में पटाखे और बारूद मिले हैं.
एक घर की छत से ली गई तस्वीरों में पास के खेत में बड़ी संख्या में बोरे रखे दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन बोरों में बारूद और पटाखे रखे हुए थे, जिन्हें दीपावली पर बेचने के लिए तैयार किया जा रहा था. हालांकि, बोरों में रखी सामग्री और उसकी मात्रा को लेकर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
20 साल से चल रहा था पटाखा बनाने का काम- स्थानीय लोग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन को लेकर नाराजगी है. लोगों का दावा है कि इलाके के अलग-अलग घरों में पिछले करीब 20 साल से पटाखे बनाने का काम होता रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को पहले ही यह जांच करनी चाहिए थी कि इन घरों में पटाखा बनाने के लिए वैध लाइसेंस है या नहीं और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं या नहीं.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते जांच होती और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता, तो इस तरह के हादसे को रोका जा सकता था. लोगों का कहना है कि घटना के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है, जबकि पहले ही इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए था.
लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही पुलिस
हादसे के बाद पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. इसमें पटाखा निर्माण की अनुमति, लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और मकान में रखे विस्फोटक पदार्थों से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जा रहा है.
'बीजेपी सरकार आज कष्ट में है', अखिलेश सिंह बोले- पहले युवाओं के आक्रोश से निपटें
फिलहाल, इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की खबर है. मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तलाश जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की वजह, पटाखा निर्माण की वैधता और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.





















