तेजस्वी यादव की लिस्ट पर रोहिणी नाराज! बोलीं- 'निष्ठावान नेताओं का...'
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए RJD की उम्मीदवार सूची पर रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देने को निष्ठावान कार्यकर्ताओं का अनादर बताया.

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी के भीतर सवाल उठने लगे हैं. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट कर पार्टी के फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए चुनाव से ठीक पहले आए नेताओं को प्राथमिकता देने पर सवाल खड़े किए हैं.
रोहिणी आचार्य ने लिखा कि वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को दरकिनार कर ऐन चुनाव से पहले आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का घोर अनादर है. उन्होंने कहा कि दशकों तक संघर्ष करने वाले नेताओं ने पार्टी और संगठन को सींचा है.
वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को दरकिनार कर ऐन चुनाव (विधान परिषद चुनाव ) से पहले आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं - कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का घोर अनादर है। दशकों तक लाठियां खाकर पार्टी और संगठन को सींचने वाले नेताओं को दरकिनार करना राजद के आंतरिक लोकतंत्र…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 12, 2026
‘लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी’
रोहिणी ने अपने पोस्ट में इसे निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी बताया. उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय लालू यादव की विचारधारा, पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठन की मजबूती पर भी गहरा आघात है. उनके इस बयान को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लिए गए फैसले पर अप्रत्यक्ष सवाल के तौर पर देखा जा रहा है.
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RJD ने छह सीटों पर उतारे उम्मीदवार
दरअसल, आरजेडी ने शुक्रवार (11 सितंबर 2026) को विधान परिषद चुनाव के लिए आठ में से छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए. पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोसी स्नातक से नितेश कुमार और दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा को प्रत्याशी बनाया गया है.
दो सीटों पर अभी नहीं हुआ ऐलान
सारण शिक्षक सीट से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक सीट से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया गया है. दो सीटों पर अभी प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं हुए हैं. इसी बीच रोहिणी के बयान ने आरजेडी और लालू परिवार के बीच मतभेद की चर्चा फिर तेज कर दी है. रोहिणी इससे पहले भी पार्टी के कुछ फैसलों पर सवाल उठा चुकी हैं.
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