RJD की इकाइयां भंग होने पर रोहिणी आचार्य का बड़ा बयान, 'कट्टर लालूवादियों को...'
Bihar Politics: आरजेडी की सभी इकाइयों को भंग किए जाने के बाद रोहिणी आचार्य ने कहा हैं कि नए सिरे से होने वाले पुनर्गठन में 'कट्टर लालूवादियों' और जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दने चाहिए.

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा अपनी विभिन्न इकाइयों और प्रकोष्ठों को भंग किए जाने के फैसले पर अब पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजद नेता रोहिणी आचार्य की अहम प्रतिक्रिया सामने आई है. रोहिणी ने इस कदम का स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि यह फैसला बहुत पहले ले लिया जाना चाहिए था.
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए रोहिणी आचार्य ने आगामी संगठन विस्तार को लेकर पार्टी नेतृत्व के सामने एक बड़ी मांग रख दी है.
'कट्टर लालूवादियों को मिले प्राथमिकता'
रोहिणीआचार्य ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि नए संगठन में उन लोगों को जगह मिलनी चाहिए, जिन्होंने पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. उन्होंने लिखा, "उम्मीद है कि नई इकाइयों के पुनर्गठन में कट्टर लालू-वादियों को प्राथमिकता दी जाएगी, उन कार्यकर्ताओं को जो वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी के साथ खड़े हैं." रोहिणी ने कहा कि संगठन की जिम्मेदारी उन जमीनी योद्धाओं को मिलनी चाहिए जो संगठन को गहराई से समझते हैं और जिनकी जड़ें सीधे जनता से जुड़ी हैं.
पार्टी की जिन इकाईयों - प्रकोष्ठों को भंग करने का जो निर्णय कल लिया गया , ये निर्णय काफी पहले लिया जाना चाहिए था .. उम्मीद है कि नयी इकाईयों के पुनर्गठन में कट्टर लालूवादियों , सालों से पार्टी के साथ पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ खड़े कार्यकर्ताओं - संगठन की समझ रखने वालों और…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) August 7, 2026
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लालू यादव के सामाजिक न्याय की दिलाई याद
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट के जरिए लालू प्रसाद यादव की मूल विचारधारा और उनके सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को भी पुरजोर तरीके से उठाया. उन्होंने जोर देते हुए कहा, "सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर खड़े लोगों को आगे लाना और जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित अवसर और पद देना हमेशा से लालू जी की प्राथमिकता रही है." उन्होंने पार्टी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि केवल लालू जी के दिखाए रास्ते और उनके सिद्धांतों पर चलकर ही पार्टी का वास्तविक सुधार और मजबूती संभव है.
क्या होंगे आरजेडी के अगले कदम?
रोहिणी आचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आरजेडी अपने संगठन में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. उनके इस पोस्ट से स्पष्ट हो गया है कि पार्टी के भीतर एयर-कंडीशंड कमरों की राजनीति करने वालों के बजाय अब सड़क पर संघर्ष करने वाले 'असली लालू-वादियों' को आगे लाने का दबाव बढ़ गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नई कमेटियों के गठन में इस मांग को किस हद तक तवज्जो देता है.
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