'कॉकरोच जनता पार्टी' पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, 'ये सरकार के लिए…'
Cockroach Janta Party Row: 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर प्रशांत किशोर का कहना है कि ये दिखाता है कि समाज में कितनी बड़ी संख्या में लोग अभी की व्यवस्था से नाखुश हैं. पढ़िए और क्या कुछ कहा है.

'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janta Party) जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की प्रतिक्रिया आई है. शनिवार (23 मई, 2026) को झंझारपुर में मीडिया से बातचीत में पीके ने कहा कि इसे किसी व्यक्ति ने ऑनलाइन कैंपेन की तरह शुरू किया है. इस पर हल्ला इसलिए हो रहा है कि 20 मिलियन के आसपास लोगों ने इंस्टाग्राम पर जाकर फॉलो किया है.
प्रशांत किशोर ने कहा, "अभी कोई आधिकारिक तौर पर वह दल नहीं है. उस दल की नीति नहीं है. नेता कौन है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इतना है कि अगर 20 मिलियन लोग किसी प्लेटफॉर्म पर आकर अपनी बात को सरकार के खिलाफ रख रहे हैं तो ये सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. ये दिखाता है कि समाज में कितनी बड़ी संख्या में लोग अभी की व्यवस्था से नाखुश हैं."
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लोगों की सरकार से निराशा का संकेत है!! pic.twitter.com/a24I1sBwS4
— Baat Bihar Ki (@BaatBiharKii) May 23, 2026
बांकीपुर से चुनाव लड़ने के सवाल पर भी दिया जवाब
बांकीपुर सीट से विधायक रहे नितिन नवीन अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो चुके हैं. उनकी सीट पर अब उपचुनाव होना है. इसको लेकर पीके से सवाल किया गया कि कहा जा रहा है कि आप बांकीपुर से उपचुनाव में उतरने वाले हैं. प्रशांत किशोर ने मीडिया से इस पर कहा कि बांकीपुर से जन सुराज लड़ेगा इस पर पार्टी में सहमति बन गई है. बांकीपुर में अगर कोई दल बीजेपी को हरा सकता है तो वह जन सुराज ही है.
उन्होंने कहा कि इस बार बांकीपुर की जनता का विश्वास है कि जन सुराज एक मजबूत साथी को उतारे. कैंडिडेट कौन रहेगा ये पार्टी तय करेगी. पूछा गया कि आप क्यों नहीं लड़ना चाहते हैं? पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी आपने मना कर दिया था. आप पार्टी में जिम्मेदार व्यक्ति हैं. इस पर उन्होंने कहा, "जिम्मेदारी उठाने के कई तरीके हैं. जिम्मेदारी जो उठा रहा है वह चुनाव ही लड़े यह जरूरी नहीं है. उस वक्त समय की बाध्यता को देखते हुए मैंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया था. आगे जो पार्टी निर्णय लेगी वह देखा जाएगा."
यह भी पढ़ें- बिहार: आनंद मोहन की नाराजगी के बाद सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, बेटे चेतन आनंद को दिया ये पद
इस सवाल पर कि आपने आश्रम में रहना शुरू कर दिया है और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने भी एक साल के लिए जन सुराज से ब्रेक ले लिया है. इस पर पीके ने कहा कि ये दोनों दो अलग-अलग बातें हैं.
उन्होंने कहा कि जब बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आए तो हम लोगों ने भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन रखा था. उस उपवास के बाद हम लोगों ने घोषणा की थी कि नई सरकार के गठन के छह महीने तक हम लोग अपने संगठन को बनाने और उसको पुनर्गठित करने में लगाएंगे. छह महीने के बाद मैं बिहार नवनिर्माण अभियान शुरू करूंगा. मैंने उसके साथ ये भी घोषणा की थी कि जब तक बिहार में बदलाव न हो जाए तब तक मैं किसी घर में या किसी आवासीय परिसर में न रहकर आश्रम में समाज के बीच में रहूंगा. ये घोषणा 20 नवंबर (2025) को की गई. ठीक 20 मई को को छह महीने के बाद मैं उस आश्रम में गया हूं.
आगे कहा कि जो उदय सिंह का सवाल है वे हम लोगों के वरीय साथी हैं. मेरे से भाई का रिश्ता है. जन सुराज में बने हुए हैं. आज भी राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ही हैं. उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से एक साल के लिए राजनीति से ब्रेक लिया है वह ठीक है, लेकिन जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जन सुराज में हैं. इसमें कहीं कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.
यह भी पढ़ें- खेसारी लाल यादव की BJP से बढ़ रही नजदीकी? नितिन नवीन से मुलाकात के बाद अटकलें तेज
Source: IOCL


























