'तुम निकलोगे तो मार देंगे', पप्पू यादव को सुबह से 4 बार मिली धमकी!
Pappu Yadav Death Threat: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव संसद में नाटक करने के बाद सुर्खियों में बने हुए हैं. इस बीच उन्होंने धमकी मिलने का आरोप लगाया है.

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव संसद में नाटक करने के बाद सुर्खियों में बने हुए हैं. इस बीच उन्होंने धमकी मिलने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, "आज सुबह से लेकर अभी तक चार धमकी भरे फोन आ चुके हैं." पप्पू यादव ने बताया, "वो लोग कह रहे हैं कि तुम निकलोगे तो तुम्हें मार देंगे, तुम माफी मांगो."
पप्पू यादव ने कहा, "समझ नही आ रहा कि किस बात की माफी मांगे. चोरी आप कर रहे हो. आप लोग कह रहे हैं जिंदा जला देंगे. गला काट देंगे तो क्या कोई साधु संत ऐसा करता है. उन्होंने कहा कि चंपत राय पर चांदी चोरी और सोना चोरी का आरोप लगा है. कालनेमि साधु कह रहे हैं कि सिर काट कर लाओ. पप्पू यादव ने कहा कि हम सभी संतो का सम्मान करते हैं.
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धमकी मिलने के बाद क्या बोले पप्पू यादव?
उन्होंने कहा, "हमने किसी का नाम नहीं लिया. हमने चंदा चोरी का केवल एक नाट्य रुपांतरण किया था. आप सबको गाली दीजिये कोई बात नहीं, लेकिन सदन के बाहर कोई प्रदर्शन करे तो धमकी दी जा रही हैं.
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, "सुबह से 4 बार फोन पर धमकी मिल चुकी है कि आज मुझे मार देंगे. मुझे समझ नहीं आता कि किस बात को लेकर माफी मांगू. चोरी आप कर रहे हो, आम आदमी की आस्था के साथ खिलवाड़ आप कर रहे हो, भगवान के साथ गद्दारी आप कर रहे हो."
पप्पू यादव के खिलाफ स्पीकर को सौंपा नोटिस
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल और पार्टी के मुख्य सचेतक ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लोकसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 222 और नियम 223 के तहत निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस दिया. यह नोटिस 31 जुलाई, 2026 को संसद परिसर के भीतर सनातन धर्म के कथित अपमान के मामले में दिया गया.
अवमानना का नोटिस मिलने पर क्या बोले पप्पू यादव?
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को उनके खिलाफ नोटिस भेजे जाने पर सांसद पप्पू यादव ने कहा, "आप सदन में नेहरू, इंदिरा गांधी या मुलायम सिंह को गाली दे सकते हैं. आप जिसे चाहें उसे गाली दे सकते हैं, यह ठीक है.
आप सदन में विपक्ष के नेता (एलओपी) को बोलने से रोक सकते हैं, यह ठीक है, लेकिन जब कोई सदन के बाहर गरिमापूर्ण तरीके से विरोध करता है, तो 'विशेषाधिकार' का सवाल ही कहां उठता है? अगर अध्यक्ष पूछेंगे, तो मैं निश्चित रूप से अपना पक्ष रखूंगा. मैंने अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है.
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