Bihar News: बिहार विधान परिषद में गूंजा शिक्षक प्रोन्नति का मुद्दा, बीजेपी एमएलसी ने उठाया यह सवाल
Bihar Teacher Promotion Issue News: बिहार विधान परिषद में बीजेपी एमएलसी जीवन कुमार ने शिक्षकों की रुकी हुई प्रोन्नति और सेवा निरंतरता का मुद्दा जोर-शोर से उठाया.

बिहार विधान परिषद में मंगलवार (21 जुलाई) को राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों की रुकी हुई प्रमोशन (Promotion) और सेवा निरंतरता का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा. इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए बीजेपी एमएलसी (MLC) जीवन कुमार ने सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने सदन में एक गैर-सरकारी संकल्प पेश करते हुए मांग की कि सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके सभी कोटि के शिक्षकों को उनकी पूर्व सेवा की गणना करते हुए तुरंत प्रमोशन का लाभ दिया जाए.
'विभागीय पत्रों का नहीं हो रहा शत-प्रतिशत पालन'
सदन में अपनी बात रखते हुए बीजेपी MLC जीवन कुमार ने शिक्षा विभाग की लेटलतीफी पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि शिक्षा विभाग ने समय-समय पर कई पत्र निकाले हैं (जैसे- ज्ञापांक 4207 और पत्रांक 714), जिनमें समस्याओं के समाधान की बात कही गई, लेकिन आज तक उनका राज्य में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नहीं हुआ है.
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बिहार विधान परिषद में शिक्षकों की रुकी हुई प्रोन्नति और 'सेवा निरंतरता' का मुद्दा मजबूती से उठाया। सरकार के दबाव के बावजूद अपना संकल्प वापस नहीं लिया, क्योंकि शिक्षकों के सम्मान और अधिकार से कोई समझौता नहीं! वीडियो में देखें पूरी बात... pic.twitter.com/WdfqGyBppU
— Jeevan Kumar MLC (@JeevanKumarBjp) July 21, 2026
बीजेपी एमएलसी जीवन कुमार ने पुरजोर मांग की कि:
- सक्षमता उत्तीर्ण शिक्षक: जो स्थानीय निकाय शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें उनके प्रशिक्षण की तिथि से गणना करते हुए 'सेवा निरंतरता' (Service Continuity) और प्रमोशन का लाभ दिया जाए.
- BPSC शिक्षक: जो शिक्षक पूर्व में स्थानीय निकाय में थे और अब बीपीएससी (BPSC) पास कर विद्यालय अध्यापक बने हैं, उन्हें भी पुरानी सेवा के आधार पर यह लाभ मिलना चाहिए.
- लंबित प्रमोशन: वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की विभागीय नियमों के आलोक में जो प्रमोशन लंबित है, उसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए.
जीवन कुमार का शानदार सुझाव: 'प्राइमरी के शिक्षकों को मिडिल-हाई स्कूल में भेजें'
बीजेपी एमएलसी जीवन कुमार ने सोशल मीडिया और अखबारों की खबरों का हवाला देते हुए सदन में एक बेहद तार्किक समाधान भी पेश किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्राइमरी (1 to 5) स्कूलों में जरूरत से ज्यादा (Extra) शिक्षक बहाल हैं, जबकि मिडिल और हाई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है.
बीजेपी एमएलसी जीवन कुमार ने कहा, "अगर प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक अधिक हैं, तो सरकार उन्हें प्रमोशन देकर मिडिल (6 to 8) या हाई स्कूल में क्यों नहीं भेज देती? वहां से तो उनके विषय (Subject) की पढ़ाई शुरू होती है. हमारे पास यह एक बेहतरीन विकल्प मौजूद है, जिससे शिक्षकों को प्रमोशन भी मिलेगा और ऊपरी कक्षाओं में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी." -
जीवन कुमार के इन तर्कों का एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने भी समर्थन किया और बताया कि 23 सालों से शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिला है और प्राइमरी में करीब 1 लाख शिक्षक बिना पद के कार्य कर रहे हैं.
सरकार का जवाब और जीवन कुमार का कड़ा रुख
सरकार की ओर से जवाब देते हुए स्पष्ट किया गया कि नई 'विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023' और सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुसार, प्रमोशन के लिए 'सक्षमता परीक्षा' (Competency Test) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है. इसके बिना प्रमोशन नहीं दी जा सकती.
सरकार के इस जवाब से असंतुष्ट जीवन कुमार ने शिक्षकों के हित में अपने कदम पीछे खींचने से साफ इनकार कर दिया. सरकार के आग्रह के बावजूद उन्होंने अपना संकल्प वापस नहीं लिया. अंततः सत्ता पक्ष के विरोध के कारण भारी हंगामे के बीच सदन में इस संकल्प को ध्वनि मत से अस्वीकृत कर दिया गया, लेकिन जीवन कुमार ने शिक्षकों की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से दर्ज करा दिया.
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