जंतर-मंतर का प्रदर्शन 'फेल' हुआ तो कन्हैया कुमार भड़के, 'एक बात...'
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को क्यों रोका जा रहा है? जनादेश चोरी की नहीं है तो आम लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) को होना था लेकिन पुलिस-प्रशासन की सख्त के कारण यह भीड़ नहीं जुट पाई. जो भी लोग पहुंच रहे थे उन्हें हिरासत में ले लिया जा रहा था. इस प्रदर्शन को 'नाकाम' किए जाने पर विपक्षी दल के नेता सरकार पर हमलावर हैं. कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) की रात कन्हैया कुमार ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए पीएम मोदी, मोहन भागवत, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर जमकर हमला किया. एक्स पोस्ट में कन्हैया ने लिखा है, "लोकतांत्रिक संस्थानों को कब्जा कर लगातार भारत को People's State से Police State बना रहे हैं? अगर इनकी जनादेश चोरी की नहीं है तो फिर आम लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है? शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को क्यों रोका जा रहा है?"
कन्हैया कुमार ने आगे लिखा है, "अगर मोदी जी की लोकप्रियता सच्ची है तो फिर ये पुलिसिया-बर्बरता क्यों की जा रही है? पिछले दो अक्टूबर से लगातार देश ने दिल्ली में जो देखा है, उससे एक बात तय है- फायर नहीं कायर है, नया जनरल डायर है. 56 इंच का बड़ा फट्टू, एक-बात जान ले तू, ज्ञानू को तो जाना होगा, वरना रोज धरना होगा."
‘मोदी-भागवत-शाह-ज्ञानेश’ लोकतांत्रिक संस्थानों को कब्ज़ा कर लगातार भारत को People’s State से Police State बना रहे हैं? अगर इनकी Majority चोरी की नहीं है तो फिर आम लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को क्यों रोका जा रहा है। अगर मोदी जी की लोकप्रियता सच्ची है तो फिर ये पुलिसिया-बर्बरता क्यों की जा रही है। पिछले दो अक्टूबर से लगातार देश ने दिल्ली में जो देखा है, उससे एक बात तय है- फायर नहीं कायर है, नया जनरल डायर है। छप्पन इंच का बड़ा फट्टू, एक-बात जान ले तू, ज्ञानू को तो जाना होगा, वरना रोज धरना होगा।
— Kanhaiya Kumar (@kanhaiyakumar) October 10, 2026
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आरजेडी की प्रियंका भारती भी बरसीं
उधर आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती भी खूब बरसी हैं. उन्होंने कहा कि हिटलर की हुकूमत अब अंतिम सांस ले रही है. छात्र, युवा, वकील, पत्रकार सबको डिटेन किया गया. देश की सीमा की सुरक्षा दांव पर लगाकर दिल्ली को छावनी बनाने के लिए सीमा की सुरक्षा कर रहे जवानों को लाया गया. मीडिया इन छात्रों को आतंकी से तुलना करना बंद करे."
हिटलर की हुकूमत अब अंतिम सांस ले रहीं है! छात्र, युवा, वकील, पत्रकार सबको डिटेन किया गया! देश की सीमा की सुरक्षा दांव पर लगाकर दिल्ली को छावनी बनाने के लिए सीमा की सुरक्षा कर रहे जवानों को लाया गया! और मीडिया इन छात्रों को आतंकी से तुलना करना बंद करे! बाकी हम सुप्रीम कोर्ट के भरोसे देश के लोकतंत्र को नहीं छोड़ सकते, इसी सुप्रीम कोर्ट ने इमरजेंसी को भी सही ठहराया था! हमारे एक जज ने वोट काटने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान ये तक कह दिया कि अगली बार वोट दे देना.. जनता की अदालत से बड़ी अदालत कोई नहीं है।
— Priyanka Bharti (@priyanka2bharti) October 10, 2026
उन्होंने कहा, "हम सुप्रीम कोर्ट के भरोसे देश के लोकतंत्र को नहीं छोड़ सकते, इसी सुप्रीम कोर्ट ने इमरजेंसी को भी सही ठहराया था! हमारे एक जज ने वोट काटने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान ये तक कह दिया कि अगली बार वोट दे देना... जनता की अदालत से बड़ी अदालत कोई नहीं है."
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