बिहार: जीतन राम मांझी का छलका दर्द, 'अफसोस है कि NDA के मित्रों ने हमें कम करके आंका और...'
Jitan Ram Manjhi News: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एनडीए के मित्रों ने बिहार में हमें एक तरह से कम करके आंका और महज छह सीटें दीं. जो हल्ला करते हैं उन्हें ज्यादा सीटें मिलती हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान हुए सीट बंटवारे को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी बात रखी है. इस चुनाव के कई महीने बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) को कम सीटें मिलने का उनका दर्द फिर छलक पड़ा. उन्होंने इसे लेकर एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को एक तरह से घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि अफसोस है कि एनडीए के मित्रों ने बिहार में हमें एक तरह से कम करके आंका और महज छह सीट ही दिया. उन्होंने साफ तौर से कहा कि हल्ला करने वालों को ज्यादा सीटें मिल जाती है.
जीतन राम मांझी मंगलवार (07 अप्रैल) को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) कार्यालय गयाजी में पार्टी के सदस्यता अभियान मे शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने अपनी कार्यकर्ताओं और नेताओं से पार्टी को मजबूत करने और विस्तार करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ''एक मजबूत और व्यापक संगठन ही हर वर्ग की आवाज को सही मंच प्रदान कर सकता है. सामाजिक न्याय, जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए हम (से०)पार्टी का विस्तार अत्यंत आवश्यक है."
"एक मजबूत और व्यापक संगठन ही हर वर्ग की आवाज़ को सही मंच प्रदान कर सकता है। सामाजिक न्याय,जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए हम (से०)पार्टी का विस्तार अत्यंत आवश्यक है।"
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) April 7, 2026
आज पार्टी कार्यालय गयाजी में हम (से०)पार्टी के सदस्यता अभियान मे शामिल हुआ जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने… pic.twitter.com/Lgwg0nCAND
एनडीए नेताओं ने हमारे महत्व को नहीं समझा-जीतन राम मांझी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, ''अफसोस है कि एनडीए के नेताओं ने हमारे महत्व को नहीं समझा और हमें महज 6 सीट दिया. आपने देखा कि हम सभी 6 सीट जीत ही गए थे लेकिन तकनीकी कारण से एक सीट हम हार गए. 6 सीट में सबसे ज्यादा स्कोरिंग हुई. हम कहना नहीं चाहते हैं. एनडीए के मित्रों ने बिहार में हमें एक तरह से कम करके आंका और मात्र छह सीट दिया.
'जो हल्ला करते हैं उन्हें ज्यादा सीटें मिल जाती है'
उन्होंने आगे कहा, ''जो हल्ला करते हैं, झूठ का दिखावा करते हैं उनको ज्यादा सीटें मिल जाती है. हमारे लोग हल्ला नहीं करते हैं, चुप रहते हैं. ये हमारी पार्टी के लोगों का संस्कार है. मेरा कहने का मतलब है कि अब हमको भी करना होगा. हम अपने मित्रों से कहना चाहते हैं कि ये 21वीं शताब्दी है. इसमें ऐसे भी कहा जाता है कि जब तक बच्चा रोता नहीं है, माता दूध नहीं पिलाती है. इसलिए हमें भी अब रोना पड़ेगा, कहना पड़ेगा कि ये जरूरत है.''
Source: IOCL



























