राहुल गांधी को JDU की सलाह, राजीव रंजन बोले- चुनौती स्वीकार करें
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने राहुल गांधी से संसद के विशेष सत्र में बहस की चुनौती स्वीकार करने को कहा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस चुनौती पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद का विशेष सत्र बुलाकर बहस करने की चुनौती दी है. राहुल गांधी को यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए.
राजीव रंजन ने कहा कि बहस के जरिए राहुल को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं और गठबंधन के विचारों को समझने का मौका मिलेगा. उन्होंने देश में हो रहे आंदोलनों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस नेता पर सवाल उठाए.
राजीव रंजन ने कहा कि अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद के विशेष सत्र में आकर बहस करने की चुनौती दी है. राहुल गांधी को NDA के किसी भी नेता के साथ बहस करनी चाहिए. इससे उन्हें गठबंधन और राष्ट्र को लेकर उसके दृष्टिकोण की जानकारी मिलेगी. उन्होंने कहा कि संसद में बहस लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है. इसलिए राहुल गांधी को इस चुनौती पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.
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हिंसात्मक आंदोलनों से प्रेरित होने का लगाया आरोप
जेडीयू प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह दुनिया के कई देशों में चल रहे हिंसात्मक आंदोलनों से प्रेरित दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं हैं. राजीव रंजन ने कहा कि देश में लोगों ने कभी अराजकता को स्वीकार नहीं किया है. संसदीय लोकतंत्र में आस्था रखने वाले हर व्यक्ति को इसकी मर्यादा और दायरे का सम्मान करना चाहिए.
पटना, बिहार: जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "कल तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल जी को चुनौती दी है कि संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जाए और राहुल जी आकर वहां बहस कर लें। सवाल यह है, बहस राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के किसी भी नेता से वह करेंगे, एक गठबंधन और राष्ट्र का क्या दृष्टिकोण है, उससे वह परिचित हो सकेंगे। जिस तरीके से आज दुनिया के अनेक मुल्कों में हो रहे हिंसात्मक आंदोलनों से प्रेरित वह दिख रहे हैं, वो भारत के लोकतांत्रिक परंपरा के अनुकूल नहीं है। यहां अराजकता को कभी भी लोगों ने स्वीकारा नहीं है। जो संसदीय लोकतंत्र में आस्था और विश्वास का प्रश्न है, उसकी एक परिधि है, उसका एक दायरा है, उसका सम्मान सबको करना पड़ता है।"
— IANS Hindi (@IANSKhabar) November 4, 2026
CRPF की उपलब्धियों का किया जिक्र
राजीव रंजन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काम और उपलब्धियों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में असाधारण कार्यों के लिए इस बल का गठन किया गया था. इसके बाद CRPF ने कई मोर्चों पर सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में इस बल के कई जवानों ने देश के लिए शहादत दी है. उनके बलिदान को पूरा देश नमन करता है.
तकनीक और रणनीति में बदलाव को बताया अहम
राजीव रंजन ने कहा कि इस साल तकनीक में बदलाव, रणनीति में सुधार और देश के हालात में आए बदलाव का असर दिखा है. उन्होंने कहा कि इस बार CRPF को किसी जवान की क्षति नहीं उठानी पड़ी. उन्होंने बल के शौर्य और पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि देश आज भी CRPF के जवानों के योगदान को नमन करता है. राजीव रंजन ने कहा कि जवानों की सुरक्षा और सफल अभियानों में तकनीक और बेहतर रणनीति की अहम भूमिका रही है.
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