राहुल गांधी की चुनौती पर गिरिराज सिंह भड़के, मनोज झा ने दिया साथ
राहुल गांधी की PM मोदी को खुली बहस की चुनौती पर गिरिराज सिंह ने कहा है कि वो पहले नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दें. RJD नेता मनोज झा ने इसे लोकतंत्र का मौलिक स्वभाव बताते हुए राहुल का समर्थन किया.

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल पहले नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दें और फिर सड़क पर बहस की बात करें.
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मनोज झा ने राहुल की मांग को लोकतंत्र का मौलिक स्वभाव बताया. उन्होंने कहा कि परिपक्व लोकतंत्र में विपक्ष ऐसी मांग रखता है और उसे स्वीकार किया जाता है.
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी मंच और समय पर खुली बहस की चुनौती दी है. उन्होंने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों और देश की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल उठाए. राहुल ने भारत-अमेरिका समझौते, अडानी मामले और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की. उन्होंने कहा कि बहस में मीडिया और देश के युवा मौजूद रहें. प्रधानमंत्री चाहें तो अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को निर्णायक भी बना सकते हैं.
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गिरिराज सिंह बोले- पहले पद से इस्तीफा दें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की चुनौती पर कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें संसद के विशेष सत्र में बहस के लिए बुलाया है. राहुल को यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए. गिरिराज ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत विपक्ष और सत्ता पक्ष संसद में आमने-सामने बैठकर चर्चा करते हैं. उन्होंने राहुल पर देश में भ्रम फैलाने और गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया. आगे कहा कि ये है संवैधानिक व्यवस्था और आप खुद चिरकुट (मूर्ख) हैं तो क्या पूरे देश को चिरकुट समझते हैं?
#WATCH दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को दी गई चुनौती पर कहा, "वो किसे बेवकूफ बनाते हैं? भारत के लोग मूर्ख हैं?... वो नेता प्रतिपक्ष हैं, पहले उस पद से इस्तीफा दे दें और फिर सड़क छाप बनें... मैं कहता हूं कि देश के गृह मंत्री ने आपको चुनौती दी और आपने कहा कि एक तरफ मैं रहूं और एक तरफ मोदी रहें; तो आप एक तारीख तय करें, अमित शाह की चुनौती तय करें और विशेष सत्र बुलाया जाए। एक तरफ विपक्ष बैठता है और एक तरफ प्रधानमंत्री और सत्ता पक्ष बैठता है... ये है संवैधानिक व्यवस्था और आप खुद चिरकुट (मूर्ख) हैं तो क्या पूरे देश को चिरकुट समझते हैं?... ये देश में भ्रम फैलाकर गृह युद्ध करवाना चाहते हैं कि जिसकी पोल खुल गई है..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 4, 2026
अमित शाह ने SIR और EVM पर दी थी चुनौती
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को SIR, EVM और घुसपैठियों के मुद्दे पर संसद में बहस की चुनौती दी थी. उन्होंने कहा था कि सरकार इन मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है. इसके जवाब में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अलग से खुली बहस की चुनौती दोहराई.
मनोज झा बोले- परिपक्व लोकतंत्र में मांग स्वीकार होती है
RJD नेता मनोज झा ने राहुल गांधी की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का मौलिक स्वभाव है. दुनिया के कई देशों में विपक्ष के सदस्य ऐसी मांग रखते हैं. परिपक्व लोकतंत्र में इसे स्वीकार भी किया जाता है. झा ने कहा कि विदेशी हाथ के आरोपों पर भी बिंदुवार बातचीत हो सकती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कमजोर सत्ता अक्सर विदेशी हाथ ढूंढती है.
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